महाराष्टÑ जाकर नक्सलियों से लोहा लेगी प्रदेश की हॉक फोर्स

On Date : 13 February, 2018, 1:18 PM
0 Comments
Share |

प्रशासनिक संवाददाता, भोपाल
नक्सलियों से लोहा ले रही प्रदेश पुलिस की हॉक फोर्स के कुछ जवान को जल्द ही महाराष्टÑ में जमे नक्सलियों का खात्मा करने के लिए तैनात किया जाएगा। यह निर्णय हाल ही में लिया है। दरअसल, हमारे हॉक फोर्स के जवानों ने छत्तीसगढ़ की सीमा में दो इनामी नक्सलियों को मार गिराया था। इसके बाद महाराष्टÑ की पुलिस भी हॉक फोर्स को अपने यहां पर तैनात करना चाह रहा है। हॉक  फोर्स की एक प्लाटून कुछ महीनों से मध्य प्रदेश से सटे राजनांदगांव के जंगलों में तैनात की गई थी। इस प्लाटून को पांच दिन पहले जबरदस्त सफलता मिली। हॉक फोर्स के जवानों ने 12 लाख रुपए के इनामी नक्सली विनोद और 5 लाख रुपए के इनामी सागर को मार गिराया था। दोनों पर महाराष्टÑ, छत्तीसगढ़ राज्यों ने इनाम घोषित कर रखा था। यह मुठभेड़ बोडला गांव के जंगल  में हुई थी। यहां पर कुछ महीनों से हॉक फोर्स की एक प्लाटून तैनात है।
गढ़ चिचौली में तैनाती
बोडला गांव से सटा जंगल छत्तीसगढ़ से होते हुए महाराष्टÑ के गढ़ चिचौली तक जाता है। गढ़ चिचौली के जंगलों में भी अब हॉक फोर्स को तैनात करने की बात चल रही है। जल्द ही यहां पर प्रदेश के हॉक फोर्स के जवान महाराष्टÑ पुलिस और आईटीबीपी के जवानों के साथ नक्सलियों से लोहा लेने के लिए तैनात किए जाएंगे।  

फॉरेस्ट अफसरों को मिलेंगे रिवाल्वर, डेढ़ करोड़ मंजूर
प्रसं, भोपाल। वन महकमा में 163 रिवाल्वर आएंगी। ये शस्त्र फॉरेस्टर से लेकर रेंज आफीसर तक के अधिकारियों को मिलेंगे। इस संबंध का प्रस्ताव वन विभाग ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजा है। विभाग ने 15 हजार कारतूस खरीदने के लिए भी रक्षा मंत्रालय से स्वीकृति मांगी है। दरअसल, वन विभाग बीते 5 साल से हथियारों की संख्या बढ़ाने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। विभाग ने पिछले माह कैंप फंड से करीब डेढ़ करोड़ की राशि मांगी थी। इसे राज्य स्तरीय गठित कमेटी ने मंजूरी दी है। राशि जारी करने के लिए विभाग ने अगला प्रस्ताव वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजा है। यहां से हरी झंडी मिलने के बाद रक्षा मंत्रालय से रिवाल्वर क्रय करने के लिए सहमति मांगी जाएगी।
वायरलेस सेट की उलझन बरकरार
उधर, महकमा में बायरलेस सेट का मामला सालों बाद भी नहीं सुलझा है। टेलीकॉम मिनिस्ट्री ने उधारी के 32 करोड़ रुपए मांगे है। इसके फेर में मिनिस्ट्री नए वायरलेस सेट खरीदने की अनुमति नहीं रहा है। जानकारी के अनुसार लगातार पत्र व्यवहार और अफसरों के साथ हुई बैठकों से सहमति बनी है कि वन विभाग करीब पांच लाख रुपए जमा करे तो नए लाइसेंस की मंजूरी दी जा सकती है।

आपकी राय

Name
Email
Comment
No comments post, Be first to post comments!

प्रदेश टुडे मैगज़ीन

November, 2014

ब्लॉग

शेयर बाज़ार