1र्इंट लगी नहीं, खर्च हो गए 2 लाख

On Date : 14 January, 2018, 5:32 PM
0 Comments
Share |

सुलभ शौचालय की आड़ में कुंडम में फर्जीवाड़ा

आदिवासी बहुल्य विकासखंड कुंडम में सुलभ शौचालय की आड़ में सरपंच-सचिव का फर्जीवाड़ा सामने आया है। निमार्ण कार्य की एक ईंट तक कार्यस्थल पर नहीं लगी और 2 लाख रुपए खर्च हो गए। इस पूरे मामले में जनपद सीईओ से लेकर पंचायत के अन्य अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
प्रदेश टुडे संवाददाता,जबलपुर
जानकारी के अनुसार  ग्राम पंचायत कुंडम में तीन लाख की लागत बनने बाला तहसील तिराहा में सुलभ शौचालय कागजों में बन गया। कार्य की स्वीकृत 2 अक्टूबर 2017 को मिली और 9 दिन में ही पैसे यानि 11 अक्टूबर को 2 लाख की राशि बेंक के खाते से निकलकर खर्च हो गई और किसी को पता तक नहीं चला। जानकर हैरानी होगी कि सरपंच-सचिव ने इतनी बड़ी राशि बगैर कार्य के खर्च कर दी और जनपद सीईओ मनीष शेंडे से लेकर अन्य अधिकारियों को खबर तक नहीं लगी।
ले-आउट तक तैयार नहीं हुआ
सुलभ शौचालय का आज दिनांक तक किसी भी तरह का स्थल निरीक्षण ले-आउट नहीं हुआ न ही निर्माण चालू हुआ और न ही भूमि पूजन हुआ और राशि की होली खेली गई । जिससे ग्राम पंचायत सरपंच सचिव और जनपद सीईओ संदेह के घेरे में है कि आखिर राशि बगैर ले-आउट और बगैर काम के कैसे खर्च हो गई।

सबसे बड़ी ग्राम है कुंडम
कुंडम ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत कुंडम में और इतनी बड़ी पंचायत में इस तरह से सरकारी रकम को उड़ाया जा सकता है तो अन्य पंचायतों में क्या स्थिति होगी यह इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है।
कार्रवाई करेंगे शिकायत तो आए
इस पूरे प्रकरण में जनपद सीईओ सहित अन्य अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। हालांकि सीईओ मनीष शेंडे ने सरपंच-सचिव पर कार्रवाई की बात कही है किंतु कार्रवाई की शर्त रखी गई इसमें सीईओ के पास शिकायत होने के बाद ही कार्रवाई होगी।

आपकी राय

Name
Email
Comment
No comments post, Be first to post comments!

प्रदेश टुडे मैगज़ीन

November, 2014

ब्लॉग

शेयर बाज़ार