2 साल से अड़े IAS अनिरुद्ध को देना होगा हर माह काम का हिसाब

On Date : 05 August, 2017, 1:17 PM
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प्रशासनिक संवाददाता, भोपाल
दो साल से हर महीने के काम का हिसाब नहीं देने पर अड़े प्रमुख सचिव वित्त अनिरुद्ध मुकर्जी को राज्य सरकार ने तगड़ा झटका दिया है। मुकर्जी द्वारा मासिक ब्यौरा दिए जाने से इनकार करने के मामले में मुख्य सचिव ने कहा है कि ऐसा नहीं चलेगा। उन्हें मासिक रिपोर्ट देनी होगी। यह मामला मुख्यमंत्री तक भी पहुंचा।
जीएडी ने प्रमुख सचिव वित्त अनिरुद्ध मुकर्जी को पिछले दिनों एक नोटशीट भेजकर कहा था कि वे अपनी मासिक डायरी की जानकारी दें। इस पर मुकर्जी ने यह कहकर टीप लगाकर जानकारी देने से मना किया था कि वित्त विभाग के कोई फील्ड दफ्तर नहीं हैं और विभाग के पास सिर्फ आय संबंधी प्रस्ताव मंगाने के अलावा कोई काम नहीं है। तत्कालीन प्रमुख सचिव सीमा शर्मा ने तब इस पूरे मामले को सीएस बीपी सिंह के पास भेजा था। मुकर्जी ने भी इस पर सीएस को अभ्यावेदन दिया जिसके बाद सीएस सिंह ने अंतिम फैसले के लिए मुख्यमंत्री के पास फाइल भेज दी। सीएम कार्यालय ने सीएस को यह कहकर फाइल लौटा दी कि इस मामले में वे फैसला लें। सीएस ने अपने निर्णय में कहा कि प्रमुख सचिव वित्त को मासिक डायरी भरकर देना होगा। वे इससे इनकार नहीं कर सकते।
आठ साल पहले से चल रही व्यवस्था
अफसर को मासिक डायरी में बताना पड़ता है कि उन्होंने माह में क्या आउटपुट दिया।  इतना ही नहीं उन्हें कम से कम पांच ऐसे निर्णय और कार्य बताना होते हैं जिसमें उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया हो। पूर्व मुख्य सचिव राकेश साहनी ने प्रशासनिक अफसरों की कार्यशैली में कसावट लाने के लिए 30 जून 2009 को इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। इसमें अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित सभी विभागाध्यक्ष से कहा गया था कि वे हर माह अपनी मासिक डायरी को आॅनलाइन भरने के बाद जीएडी को प्रस्तुत करेंगे।

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