सुंजवां आतंकी हमले में जैश ए मोहम्मद के 3 आतंकी ढेर, 2 जवान शहीद

On Date : 11 February, 2018, 10:33 AM
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जम्मू: जम्मू में सेना के सुंजुवान स्टेशन पर शनिवार तड़के आतंकवादियों के फिदायीन हमले के बाद सेना प्रमुख बिपिन रावत ने रव्वार देर रात यहां का दौरा किया और हमले तथा उसके बाद के अभियान की जानकारी ली। इस हमले में सेना का एक जूनियर कमीशन अधिकारी (जेसीओ) तथा एक जवान शहीद हो गया और नौ लोग घायल हो गए जबकि सेना ने तीन आतंकवादियों को ढेर कर दिया। बाकी आतंकवादियों के सफाये के लिए सेना का अभियान जारी है। सेना के प्रवक्ता ने बताया कि रावत ने सैन्य स्टेशन कर दौरा कर पूरे मामले की जानकारी ली और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।

सेना की वर्दी में आए थे आंतकी
प्रवक्ता ने बताया कि सुबह से चल रहे अभियान में अत्याधुनिक हथियारों से लैस तीन आतंकवादी मारे गए हैं। ये आतंकवादी सेना की वर्दी में थे और एके-56 असाल्ट राइफलों, गोला बारूद तथा हथगोलों से लैस थे। उनकी तलाशी से इस बात की पुष्टि हुई है कि वे जैश ए मोहम्मद के आतंकवादी हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान एक जेसीओ और एक जवान शहीद हो गए तथा दो महिलाओं और एक बच्ची सहित नौ लोग घायल हो गये, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि बाकी बचे आतंकवादियों के पकड़े या उनका खात्मा किए जाने तक अभियान जारी रहेगा। प्रवक्ता ने कहा कि आवासीय परिसर के लगभग 150 मकानों की तलाशी पूरी हो गई है और महिलाओं, बच्चों तथा अन्य लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि अभियान की जगह पर महिलाओं और बच्चों के होने के कारण पूरी कार्रवाई बेहद सतर्कता तथा ऐहतियात के साथ की जा रही है।

तड़के पौने पांच बजे हुआ आतंकी हमला
सेना के अनुसार चार से पांच आतंकवादियों ने आज तड़के चार बजकर 50 मिनट पर सेना के सुंजुवान स्टेशन में घुसपैठ की कोशिश की। स्टेशन की निगरानी कर रहे संतरियों के साथ उनकी मुठभेड़ के दौरान आतंकवादी स्टेशन में बने आवासीय परिसर में जाकर घरों में घुस गये। सेना ने आतंकवादियों को उसी जगह पर घेर लिया और उनके सफाये के लिए अभियान चलाया गया। बाद में अभियान में सेना के स्पेशल फोर्स के कमांडों ने मोर्चा संभाल लिया।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक से बात कर ऑपरेशन के बारे में जानकारी ली है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी सेना प्रमुख के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं। इससे पहले हमले के बाद घटनास्थल के आसपास के सभी स्कूलों को ऐहतियातन बंद कर दिया गया। यह सैन्य शिविर जम्मू शहर से महज पांच से छह किलोमीटर दूर है। अभियान के चलते आसपास के पूरे इलाके की घेराबंदी की गई है। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग को भी कुछ देर के लिए बंद कर दिया गया था जिसे इलाके की घेराबंदी के बाद खोल दिया गया।

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