हिमाचल मंत्रिमंडल में 5 मंत्रियों के हैं आपराधिक रिकॉर्ड

On Date : 28 December, 2017, 9:01 AM
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शिमला:हिमाचल प्रदेश में बनी नई सरकार के 12 में से पांच मंत्रियों के आपराधिक रिकॉर्ड हैं वहीं आठ विधायक करोड़पति हैं. हिमाचल प्रदेश इलेक्शन वॉच एंड द एसोसिएशन फॉर डेमोक्रोटिक रिफॉर्म की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि औसतन राज्य के मंत्रियों के पास 7.17 करोड़ की संपति हैं जिनमें अनिल शर्मा 40.20 करोड़ की संपति के साथ सूची में सबसे आगे हैं. शिक्षा के हिसाब से तीन मंत्री 12वीं पास हैं, आठ स्नातक हैं और एक के पास डॉक्ट्रेट की डिग्री है.

जयराम ठाकुर ने ऐतिहासिक रिज मैदान में बुधवार को हिमाचल प्रदेश के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. जयराम के साथ ही उनकेे 11 मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की. इनमें महेंद्र सिंह, किशन कपूर, सुरेश भारद्वाज, अनिल शर्मा, सरवीन चौधरी, रामलाल मारकण्‍डा, विपिन सिंह परमार, वीरेंद्र कंवर, विक्रम सिंह, गोविंद सिंह, डॉ. राजीव सहजल शामिल हैं.

हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह एक और वजह से खास रहा. दरअसल, राज्‍य के इतिहास में यह पहला मौका था जब प्रधानमंत्री सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए हो.

जयराम पीएम नरेंद्र मोदी के खास मानें जाते हैं. जयराम ठाकुर संघ के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं. संघ की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से उन्होंने राजनीति में कदम रखा है. वो हिमाचल में बीजेपी के दिग्गज नेता शांता कुमार के करीबी हैं.

जयराम का जन्म मंडी जिले की मुरहाग पंचायत के तांदी गांव में एक किसान परिवार में 6 जनवरी, 1965 को हुआ था. पढ़ाई के दौरान वे छात्र राजनीति से जुड़ गए थे. 1986 में वे एबीवीपी के प्रदेश सचिव बने थे. इसके बाद लंबे समय तक वे एबीवीपी जम्मू-कश्मीर इकाई के संगठन सचिव रहे.

1993 में छात्र राजनीति से होते हुए बीजेपी युवा मोर्चा के पहले प्रदेश सचिव फिर प्रदेश अध्यक्ष बने. इसी साल पहली बार जंजैहली सीट से चुनावी मैदान में उतरे. लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी से चुनाव हार गए. अगली बार 1998 में फिर चुनाव लड़े और शानदार जीत हासिल की. 2003 के चुनावों में जीत दर्ज की. 2007 में जीत की हैट्रिक बनाई और प्रदेश सरकार में मंत्री बने. इस दौरान 2012 और फिर अब 2017 में भी चुनाव में जीत हासिल की. 2000 से 2003 तक वह मंडी जिला भाजपा के अध्यक्ष रहे और फिर 2005 तक प्रदेश भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बने. 2006 में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी आ गई. 2007 में प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए पार्टी सत्ता में आई.

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