CRPF ने MHA को सौंपी सुकमा हमले की रिपोर्ट

On Date : 03 July, 2017, 8:40 PM
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रायपुर : छत्तीसगढ़ के सुकमा में 24 अप्रैल को CRPF पर हुए नक्सली हमले पर CRPF की हाई लेवल जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है. इस रिपोर्ट में नक्सली हमले के लिए खुफिया इनपुट का ना होना बताया गया है. घटना के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस और खफिया ब्यूरो (IB) को एक तरह से जिम्मेदार ठहराया गया है.
 
रिपोर्ट के मुताबिक CRPF को अगर नक्सलियों की मौजूदगी की खबर होती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती. 24 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के सुकमा के बुरकापाल  इलाके में नक्सलियों ने CRPF के दस्ते पर घात लगाकर हमला किया था. इस घटना में CRPF के 25 जवान शहीद हुए थे और आधा दर्जन से ज्यादा जवान बुरी तरह से जख्मी हो गए थे.
 
छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने कहा है कि CRPF पर हुए हमले की जांच रिपोर्ट अधिकृत तौर पर अभी राज्य शासन को प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन इस रिपोर्ट के तथ्यों से वे अवगत हैं. उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के आधार पर छत्तीसगढ़ पुलिस के अफसरों पर जिम्मेदारी तय होगी और उन के खिलाफ कार्रवाई  भी होगी.
 
छत्तीसगढ़ के सुकमा के बुरकापाल इलाके में 24 अप्रैल की दोपहर में CRPF और नक्सलियों के बीच जमकर गोलीबारी हुई थी. बताया जाता है कि दो दिनों से नक्सली इस इलाके में जुटे हुए थे. उनकी संख्या 200 से ज्यादा थी. नक्सलियों का दल CRPF पर हमले के लिए पूरी तरह से तैयार था. इसके लिए उन्होंने अपनी रणनीति पर पूरी तरह से अमल किया और CRPF पर सीधा हमला कर दिया. जैसे ही CRPF का दस्ता नक्सलियों के हद में आया उन्होंने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी. नक्सलियों ने स्थानीय ग्रामीणों को भी अपने इर्द-गिर्द इकट्ठा कर मानव शील्ड बनाई थी. ताकि CRPF उस पर जवाबी कार्रवाई ना कर सके. इस घटना में CRPF को जान माल का जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ा. उसके 25 जवान इस हमले में शहीद हो गए और आधा दर्जन जवान बुरी तरह से घायल हो गए. नक्सलियों ने CRPF के शहीद जवानों के हथियार भी लूट लिए थे.
 
CRPF ने  ADGP स्तर के अफसर से घटना की जांच कराई. अब इस जांच रिपोर्ट को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया है. इस रिपोर्ट में इंटेलिजेंस में चूक को सबसे बड़ा कारण बताया गया है. छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से CRPF को नक्सलियों के इतने बड़े जमावड़े और पहले से ही वहां उनके हलचल की कोई सूचना नहीं मिली. यही हाल केंद्रीय खुफिया एजेंसी IB का रहा. उसके अफसर भी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे. उन्होंने भी CRPF को नक्सलियों की मौजूदगी का कोई खुफिया इनपुट नहीं दिया. छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार को अभी इस रिपोर्ट का इंतजार है. रिपोर्ट मिलते ही वे अपने अफसरों की जवाबदेही तय करेंगे.

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