दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के नतीजे आज

On Date : 13 September, 2017, 8:32 AM
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नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए डीयू के छात्रों ने बढ़ चढ़कर मतदान किया. पिछले साल जहां डूसू चुनाव में 36.9 फीसद वोट पड़े थे, तो वहीं इस साल मॉर्निंग कॉलेज के 32 कॉलेजों में ही कुल 44 फीसद वोट डाले गए. चुनाव समिति के मुताबिक मॉर्निंग कॉलेज के 77,379 छात्र-छात्राओं में से 34,051 छात्र-छात्राओं ने चुनाव में मतदान किया. मॉर्निंग कॉलेजों में मतदान की शुरुआत थोड़ी धीमी रही. हालांकि 11 बजे के बाद मतदान करने वाले छात्रों की भीड़ कैंपस में नज़र आयी.

डीयू के ऑफ कैंपस कॉलेज में कैंपस कॉलेज के मुकाबले ज्यादा मतदान हुआ. चुनाव को लेकर इवनिंग कॉलेज के स्टूडेंट्स ने भी बड़ी तादाद में हिस्सा लिया. डूसू चुनाव को देखते हुए डीयू को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया था. सभी 51 मतदान केंद्रों के बाहर पुलिस की तैनाती थी. बोगस वोटिंग न हो इसलिए बिना आई कार्ड किसी को भी कॉलेज के अंदर जाने की अनुमति नहीं थी. डूसू चुनाव में पहली बार मतदान करने वाले छात्रों का उत्साह साफ नजर आया. एक तरफ जहां उम्मीदवार आखिरी समय तक वोट अपील करने में जुटे हुए थे तो वहीं छात्र संगठनों से जुड़ी राजनीतिक हस्तियां और पूर्व डूसू पदाधिकारी भी अपने-अपने पैनल के लिए चुनाव प्रचार करते दिखे.

दरअसल डूसू के इस दंगल में एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच सीधा मुक़ाबला है. पिछले साल एबीवीपी ने डूसू के सेंट्रल पैनल में 4 में से 3 सीटों पर कब्ज़ा जमाया था. पिछले 4 साल से एबीवीपी डूसू पर काबिज़ है ऐसे में रामजस कॉलेज विवाद के बाद एवीबीपी के लिए डूसू का दंगल जीतना किसी चुनौती से कम नहीं है.

डूसू के इस दंगल में एनएसयूआई पिछले 4 साल से हार का सामना कर रही है. हालांकि पिछले साल जॉइंट सेक्रटरी के पोस्ट पर NSUI के मोहित गरीड़ ने बाज़ी मारी थी. एनएसयूआई को उम्मीद है कि इस साल डूसू जीतने में वो कामयाब होंगे, लेकिन चुनाव से ठीक पहले एनएसयूआई के प्रेसिडेंड कैंडिडेट रॉकी तुषीद का नॉमिनेशन रद्द होने के बाद एनएसयूआई को दूसरी उम्मीदवार अलका के लिए प्रचार करना पड़ा. लेकिन फिर रॉकी तुषीद के पक्ष में हाई कोर्ट का फैसला आने पर एनएसयूआई का प्रेसिडेंड कैंडिडेट बदलने पर डीयू के छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई. हालांकि सोशल मीडिया कैम्पेन के जरिये एनएसयूआई ने प्रेसिडेंड पोस्ट के लिए जमकर प्रचार किया. लेकिन एनएसयूआई को ये डर जरूर सता रहा है कि कहीं छात्रों का ये संशय उन्हें डूसू चुनाव में भारी न पड़े.

आपको बता दें कि डूसू के दंगल में एबीवीपी ने प्रेसिडेंड पोस्ट के लिए रजत चौधरी को उतारा है. तो वहीं एनएसयूआई ने प्रेसिडेंड पोस्ट पर रॉकी तुषीद हैं. एबीवीपी ने जहां वाइस प्रेसिडेंड पोस्ट पर पार्थ राणा को उतारा है, तो एनएसयूआई की तरफ से कुणाल सहरावत वाइस प्रेसिडेंड पोस्ट पर चुनाव लड़ रहे हैं. जनरल सेक्रेटरी के लिए एबीवीपी की उम्मीदवार महामेधा नागर का मुकाबला एनएसयूआई की उम्मीदवार मीनाक्षी मीना से होगा. सेक्रेटरी पोस्ट पर एबीवीपी के उम्मीदवार उमा शंकर का मुक़ाबला एनएसयूआई के उम्मीदवार अविनाश यादव से होगा. वोटों की गिनती बुधवार को होनी है.

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