चाय पार्टी में बदलवाया गया ईसी का निर्णय!

On Date : 17 April, 2018, 3:16 PM
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आरडीयू में प्रो. गौतम की रि-ज्वाइनिंग का मामला
मेंबर बोले-दबाव में किए हस्ताक्षर अब शून्य माना जाए
प्रदेश टुडे संवाददाता,जबलपुर
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीयू) में एमपी पीएससी के पूर्व मेंबर एवं बायो साइंस विभाग के प्रोफेसर एसपी गौतम की रि-ज्वाइनिंग को लेकर घमासान मचा है। इस मामले में दो कार्य परिषद (ईसी) मेंबर द्वारा कुलपति को भेजे गए पत्र प्रकाश में आने के बाद तो विश्वविद्यालय में खलबली मच गई। ईसी मेंबर के पत्र की बात सच मानें तो  ईसी बैठक में हुए निर्णय को बदलने एक चाय-पार्टी का आयोजन किया गया, जिसमें योजनाबद्ध तरीके से ईसी मेंबर्स के एक पत्र में हस्ताक्षर करा लिए गए थे। हालांकि विवाद गहराने के बाद विवि प्रशासन उक्त पत्र सामने लाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
जानकारी के मुताबिक 27 व 28 मार्च को आरडीयू प्रशासन ने ईसी बैठक आयोजित की थी। जिसमें विवि के बजट के साथ ही प्रोफेसर एसपी गौतम की रि-ज्वाइनिंग के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई थी। बैठक में कुलाधिपति नामांकित ईसी मेंबर्स ने रि-ज्वाइनिंग के लिए राजभवन व महाधिवक्ता से सलाह लेने की बात कही थी। सूत्रों की मानें तो शाम को ईसी मेंबर्स का निर्णय बदलने एक चाय पार्टी का आयोजन किया गया। जिसमें कुलाधिपति द्वारा नामांकित 5 सदस्यों को बुलाया गया और उनसे प्रोफेसर गौतम के प्रकरण के पक्ष में एक पत्र में हस्ताक्षर कराए गए।
दबाव में कराया गया हस्ताक्षर
बताया जाता है कि पत्र पर हस्तााक्षर करने वाले ईसी मेंबर्स ने 5 अप्रैल को पुन: एक पत्र आरडीयू कुल सचिव को भेजा। जिसमें 27 मार्च की शाम हुए घटनाक्रम का वर्णन करते हुए यह कहा कि प्रो. गौतम के पक्ष में लिखे गए पत्र में उन्होने दबाव मेंआकर हस्ताक्षर किया था, लिहाजा उसे शून्य माना जाए। यहीं कारण है कि 13 अप्रैल को हुई ईसी बैठक में उक्त पत्र का सामने नहीं लाया गया और न ही दीक्षांत समारोह के अलावा किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा की गई।

क्या है मामला
आरडीयू बायोसांइस विभाग में पदस्थ रहे प्रो. एसपी गौतम 2012 में एमपीपीएससी का मेंबर बनाया गया था। नियमानुसार एमपीएससी का मेंबर बनने के साथ ही उन्हें आरडीयू से त्यागपत्र दे देना चाहिए था, लेकिन प्रो. गौतम ने लियन का आवेदन दिया और निर्धारित समय अवधि से ज्यादा छुट्टियां होने के कारण उनके लियन आवेदन पर निर्णय नहीं हो सका। इसी बीच प्रो. गौतम ने विवि को इस्तीफा भी भेजा जिस पर भी निर्णय नहीं लिया गया। अब प्रोफेसर गौतम पुन: आरडीयू में रि-ज्वाइनिंग करना चाहते हैं। वहीं ईसी मेंबर्स का कहना है कि एमपीपीएस मेंबर बनने की पहली शर्त ही यह होती है कि पूर्व की शासकीय सेवा से सेवानिवृत्ति। लिहाजा प्रोफेसर गौतम को रि-ज्वाइनिंग देने से पहले राजभवन का अभिमत, महाधिवक्ता से विधिक सलाह लेने के बाद ही निर्णय लिया जाए।

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