एक परिवार के लिये अंबेडकर के योगदान को मिटाने के प्रयास हुए: PM मोदी

On Date : 07 December, 2017, 3:49 PM
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नई दिल्‍ली: नेहरू गांधी परिवार पर परोक्ष निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के जाने के बरसों बाद तक राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को मिटाने के प्रयास किए जाते रहे लेकिन जिस 'एक परिवार' के लिए ये सब किया गया, उस परिवार से कहीं ज्यादा लोग आज बाबा साहेब से प्रभावित हैं. बीआर अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब का राष्ट्र निर्माण में जो योगदान है, उस वजह से हम सभी उनके ऋणी हैं. हमारी सरकार का ये प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनके विचार पहुंचें. विशेषकर युवा पीढ़ी उनके बारे में जाने, उनका अध्ययन करें.

मोदी ने कहा कि बाबा साहेब में अद्भुत शक्ति थी. उनके जाने के बाद बरसों तक राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को मिटाने का प्रयास किया गया, लेकिन बाबा साहेब के विचारों को लोग जनमानस के चिंतन से हटा नहीं पाए. जिस परिवार के लिए ये सब किया गया, उस परिवार के मुकाबले कहीं ज्यादा लोग आज बाबा साहेब से प्रभावित हैं. उन्होंने कहा कि देश की सामाजिक बुराइयों का जिस व्यक्ति ने जीवनपर्यंत सामना किया हो, वो देश को लेकर उम्मीदों से भरा हुआ था. हमें ये स्वीकारना होगा कि इतने वर्षों बाद भी हम बाबा साहेब की उन उम्मीदों को, पूरा नहीं कर सके हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों के लिए कई बार जन्म के समय मिली जाति, जन्म के समय मिली भूमि से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है. आज की नई पीढ़ी में वो क्षमता है जो इन सामाजिक बुराइयों को खत्म कर सकती है. पिछले 15-20 वर्षों में जो बदलाव मैं देख रहा हूं, उसका पूरा श्रेय नई पीढ़ी को ही दूंगा.

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के इतने वर्षों बाद भी हमारे देश में ये स्थिति रही कि लाखों-करोड़ों लोगों के जीवन में ये समानता नहीं आई. बहुत बुनियादी चीजें, बिजली कनेक्शन, पानी कनेक्शन, एक छोटा सा घर, जीवन बीमा, उनके लिए जीवन की बहुत बड़ी चुनौतियां बनी रहीं.

अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि पिछले तीन-साढ़े तीन साल में हमने बाबा साहेब के सामाजिक लोकतंत्र के सपने को ही पूरा करने का प्रयास किया है. इस सरकार की योजनाएं, सामाजिक लोकतंत्र को मजबूत करने वाली रही हैं सरकार के कार्यक्रमों की आलोचनाओं के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जिन लोगों को गांव गए बहुत दिन हो गए हों, वो अब जाकर देखें. पता लगेगा कि उज्जवला योजना ने कैसे इस फर्क को मिटा दिया है कि कुछ घरों में पहले गैस कनेक्शन होता था और कुछ घरों में लकड़ी-कोयले पर खाना बनता था. ये सामाजिक भेदभाव का बड़ा उदाहरण था जिसे इस सरकार ने खत्म कर दिया है.

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन से गांव की महिलाओं में समानता का भाव आया है. गांव के कुछ ही घरों में शौचालय होना और ज्यादातर में ना होना, एक विसंगति पैदा करता था. धीरे-धीरे ज्यादातर गांवों में शौचालय बन रहे हैं. पहले स्वच्छता का दायरा 40% था, वो बढ़कर अब 70% से ज्यादा हो चुका है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस न्यू इंडिया की बात मैं करता हूं वो बाबा साहेब के भी सपनों का भारत है. सभी को समान अवसर, सभी को समान अधिकार. जाति के बंधन से मुक्त भारत. टेक्नोलॉजी की शक्ति से आगे बढ़ता हुआ भारत, सबका साथ लेकर, सबका विकास करता हुआ भारत.

उन्होंने कहा कि बाबा साहेब की विचारधारा के मूल में समानता अनेक रूपों में निहित रही है. सम्मान की समानता, कानून की समानता, अधिकार की समानता, मानवीय गरिमा की समानता, अवसर की समानता, ऐसे कितने ही विषयों को बाबा साहेब ने अपने जीवन में लगातार उठाया. उन्होंने हमेशा उम्मीद जताई थी कि भारत में सरकारें संविधान का पालन करते हुए, बिना पंथ का भेद किए हुए, बिना जाति का भेद किए हुए चलेंगी. आज इस सरकार की हर योजना में आपको बिना किसी भेदभाव सभी को समानता का अधिकार देने का प्रयास दिखेगा.

कांग्रेस नीत पूर्ववर्ती संप्रग सरकार पर परोक्ष निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ''इस सेंटर को ही देखिए, इसे बनाने का निर्णय लिया गया था 1992 में. लेकिन 23 साल तक कुछ नहीं हुआ. हमारी सरकार में शिलान्यास हुआ और हमारी सरकार में ही इसका लोकार्पण हो रहा है.'' उन्होंने कहा कि जिस तरह ये सेंटर अपनी तय तारीख से पहले बनकर तैयार हुआ, उसी तरह कितनी ही योजनाओं में अब तय समय को कम किया जा रहा है. एक बार जब सारी व्यवस्थाएं पटरी पर आ चुकी हैं, योजना रफ्तार पकड़ चुकी है, तो हम तय समय सीमा को और कम कर रहे हैं ताकि और जल्दी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके.

सरकार की जन कल्याण योजनाओं को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मिशन इंद्रधनुष के लिए समयसीमा को 2 साल कम कर दिया है. इस के तहत अब तक 2.5 करोड़ से ज्यादा बच्चों और 70 लाख से ज्यादा महिलाओं का टीकाकरण किया जा चुका है. पहले सरकार का लक्ष्य 2020 तक देश में पूर्ण टीकाकरण कवरेज को हासिल करना था. इसे घटाकर अब साल 2018 तक कर दिया गया है.

उन्होंने कहा कि आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि देश में रोजगार के मायने बदलने वाली मुद्रा योजना के लगभग 60 प्रतिशत लाभार्थी दलित-पिछड़े और आदिवासी ही हैं. अब तक लगभग पौने दस करोड़ लोन स्वीकृत किए जा चुके हैं और लोगों को बिना बैंक गारंटी 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज दिया गया है.

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार में बाबा साहेब के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण स्‍थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है. दिल्ली के अलीपुर में जिस घर में बाबा साहेब का निधन हुआ, वहां डॉक्टर अंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक का निर्माण किया जा रहा है. मध्य प्रदेश के महू में बाबा साहेब के जन्म-स्थान को भी तीर्थ के तौर पर विकसित किया जा रहा है. लंदन के जिस घर में बाबा साहेब रहते थे, उसे भी खरीदकर महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार एक मेमोरियल के तौर पर विकसित कर रही है.

उन्होंने कहा कि ऐसे ही मुंबई में इंदू मिल की जमीन पर अंबेडकर स्मारक का निर्माण किया जा रहा है. नागपुर में दीक्षा भूमि को भी और विकसित किया जा रहा है. ये पंचतीर्थ एक तरह से बाबा साहेब को आज की पीढ़ी की तरफ से श्रद्धांजलि हैं. पिछले साल वर्चुअल दुनिया में एक छठा तीर्थ भी निर्मित हुआ है. यह भीम एप है जो गरीबों-दलितों-पिछड़ों- शोषितों, वंचितों के लिए वरदान बनकर आया है.

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