राजद्रोह मामले में पूर्व साथी बना सरकारी गवाह, हार्दिक की बढ़ी मुश्किलें

On Date : 02 September, 2017, 2:23 PM
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अहमदाबाद: गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान 2 साल पहले हुई ङ्क्षहसा को लेकर हार्दिक पटेल समेत 4 लोगों के खिलाफ दायर राजद्रोह के मुकद्दमे में एक आरोपी केतन पटेल को इस सनसनीखेज मामले में सरकारी गवाह बनाने की अर्जी को एक स्थानीय अदालत ने आज मंजूर कर लिया। जिला सत्र अदालत के जज एच एस वोरा की अदालत ने केतन की ओर से गत 27 जुलाई को दायर अर्जी को मंजूर कर लिया। केतन के वकील पंकज चौहाण ने बताया कि इस अर्जी में केतन ने खुद को निर्दोष बताते हुए उन्हें आरोपियों की सूची से हटाने और सरकारी गवाह बनाने का अनुरोध किया था। अब इस मामले में सिर्फ तीन ही आरोपी है, केतन अब इसमें गवाह के तौर पर ही पेश होंगे।

अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 25 अगस्त, 2015 को यहां जीएमडीसी मैदान पर हार्दिक की अगुवाई में हुई विशाल आरक्षण रैली के बाद उसकी तथा कुछ अन्य की संक्षिप्त गिरफ्तारी के चलते फैली व्यापक हिंसा के बाद उसी साल अक्टूबर में यह मामला 6 लोगों के खिलाफ दर्ज किया था पर सूरत निवासी 2 अन्य आरोपियों को छोड़ अन्य 4 पर ही आरोप गठित किये गये।

केतन ने आज पत्रकारों से कहा कि उनकी किसी भी हिंसक गतिविधि में संलिप्तता नहीं थी। वह केवल हार्दिक के साथ भर थे पर आंदोलन और अन्य गतिविधियों का संचालन पूरी तरह हार्दिक के ही हाथ में था। अपने एक अन्य साथी महेसाणा में पास के संयोजक नरेन्द्र पटेल से मारपीट और लूटपाट के एक अन्य मामले में हार्दिक फिलहाल पाटन पुलिस की हिरासत में हैं। माना जा रहा है कि पूर्व साथी केतन पटेल के सरकारी गवाह बनने से राजद्रोह के उक्त मामले में उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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