छत्तीसगढ़ के चुनावी वर्ष के बजट में हर वर्ग को खुश करने की कोशिश

On Date : 10 February, 2018, 7:55 PM
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रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने आज राज्य के लिए 83,179 करोड़ रूपए का बजट पेश किया। चुनावी वर्ष के इस बजट में राज्य सरकार ने किसान, गरीब, मजदूर और कर्मचारियों समेत हर वर्ग को खुश करने की कोशिश की है। विधानसभा में आज मुख्यमंत्री रमन सिंह जिनके पास वित्त विभाग भी है ने वर्ष 2018-19 का बजट पेश किया। इस दौरान सिंह ने कहा कि बजट मुख्य रूप से किसान, गरीब व मजदूर की समृद्धि, महिला सशक्तीकरण, गुणवत्ता युक्त शालेय शिक्षा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के वर्गों की खुशहाली, युवा शक्ति के संधान, गावों के विकास, अधोसंरचना तथा सुशासन की उत्तरोत्तर प्रगति पर केन्द्रित है।

मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि वर्ष 2018-19 के बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 13,480 करोड़ रूपए का प्रावधान किया जो पिछले वर्ष से 29 प्रतिशत अधिक है। राज्य के जशपुर, छुई खदान, कोरबा, कुरूद, गरियाबंद और  महासमुंद में छह नवीन कृषि महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और पत्रकारों को 30 हजार रूपए तक का अतिरिक्त बीमा कवर लाभ दिया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत 131 करोड़ रूपए तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए 315 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

सिंह ने कहा कि शासकीय अस्पतालों में इलाज की सुविधा बढ़ाने के लिये राज्य के जिला अस्पतालों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पैथोलाजी एवं रेडियोलाजी संबंधी समस्त जांच सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध करायी जाएगी। इसके लिए 30 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के अंतर्गत बीमित व्यक्तियों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की नवीन योजना के लिए 10 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। इससे श्रमिकों को उपचार के लिए तत्काल राशि की व्यवस्था करने की चिंता  से मुक्ति मिलेगी तथा वे आसानी से अपना उपचार करा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में मितानिनों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा देय प्रोत्साहन राशि पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि राज्य शासन द्वारा दी जाती है। अब इसमें 25 प्रतिशत की और वृद्धि करते हुए राज्य शासन की ओर से कुल 75 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है जिससे 70 हजार मितानिनों की वर्तमान मासिक आय में 400 से एक हजार रूपए तक की वृद्धि होगी।

डा. रमन सिंह ने कहा कि राज्य के राष्ट्रीय तथा राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त बुनकरों को मासिक आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए नई योजना लागू की जाएगी। उन्होंने इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मानदेय राशि चार हजार से बढ़ाकर पांच हजार रूपए, आंगनबाड़ी सहायिकाओं की मानदेय राशि दो हजार रूपए से बढ़ाकर दो हजार पांच सौ रूपए और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मानदेय राशि 2,250 रूपए से बढ़ाकर 2,750 रूपए करने की घोषणा की। इससे राज्य की एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को लाभ प्राप्त होगा।

सिंह ने अपने बजट भाषण में कहा कि ग्रामीण बालिकाओं को स्वच्छ सेनेटरी नेपकिन उपलब्ध कराने के लिए प्रारम्भ शुचिता योजना के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अब योजना के कवरेज को बढ़ाते हुए पर्याप्त बालिकाओं की दर्ज संख्या वाले सभी महाविद्यालयों, हाईस्कूलों और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में क्रियान्वित किया जाएगा। योजना के विस्तार से 10 लाख बालिकाओं को लाभ प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि खेलों में बच्चों एवं युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 60 मिनी स्टेडियम निर्माण के लिए 30 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। सरगुजा में खेल अकादमी तथा रायपुर में एथलेटिक्स अकादमी स्थापना के लिए आवश्यक प्रावधान किया गया है।सिंह ने बताया कि औद्योगिक अधोसंरचना के विकास के लिए बजट में नौ नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 30 करोड़ रूपए का प्रावधान है

उन्होंने कहा कि कोटवारों के मानदेय को डेढ़ गुना करने और पटेलों को दी जाने वाली मानदेय राशि को एक हजार से बढ़ाकर दो हजार रूपए करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 19 करोड़ रूपए का अतिरिक्त प्रावधान बजट में किया गया है। राज्य में मानव-हाथी द्वंद को कम करने तथा जानमाल और संपत्ति की हानि को नियंत्रित करने के लिए 28 चलित हाथी दस्तों का गठन किया जाएगा। इसके लिए 5.20 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में महिला अपराध के प्रकरण में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए छह जिलों में महिला अपराध अनुसंधान इकाई की स्थापना की जाएगी। वहीं गैर कानूनी चिटफंड और वित्तीय कंपनियों के नियंत्रण के लिए पुलिस विभाग के अधीन एक प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। साथ ही आंतरिक सुरक्षा संबंधी गतिविधियों को प्रभावशाली बनाने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के साथ समन्वय के लिए राज्य में विशेष आॅपरेशन ग्रुप का गठन किया जाएगा।

सिंह ने बताया कि वर्ष  2018-19 के लिए अनुमानित सकल व्यय 87,463 करोड़ रूपए है। सकल व्यय से ऋणों की अदायगी तथा पुनर्प्राप्तियों को घटाने पर शुद्ध व्यय 83,179 करोड़ रूपए अनुमानित है। राजस्व व्यय 68,423 करोड़ रूपए तथा पूंजीगत व्यय 14,454 करोड़ रूपए है। वर्ष 2018-19 में पूंजीगत व्यय कुल व्यय का 17.4 प्रतिशत है।

उन्होंने बताया कि राज्य का सकल वित्तीय घाटा 9 हजार 997 करोड़ रूपए अनुमानित है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 2.96 प्रतिशत और निर्धारित सीमा के अंदर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2018-19 के लिए कोई नया कर प्रस्ताव नहीं है।

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