केंट बोर्ड का खजाना खाली

On Date : 16 April, 2018, 3:21 PM
0 Comments
Share |

रक्षा मंत्रालय से अटका फंड, बीते 8 माह से नहीं हो रहे विकास कार्य
प्रदेश टुडे संवाददाता, जबलपुर

केंटोनमेंट बोर्ड इन दिनों भारी आर्थिक संकट से गुजर रहा है। हालात यह हैं कि बीते 8 माहों से केंट क्षेत्र में लगभग सभी विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। दरअसल रक्षा मंत्रालय द्वारा हर वित्तीय वर्ष में केंट बोर्ड को ग्रांट दी जाती है, लेकिन इस बार तकनीकी अड़चनों के चलते रक्षा मंत्रालय अभी तक केंट बोर्ड जबलपुर को कितना फंड आवंटित किया जाए यह निर्धारित नहीं कर पाया है। लिहाजा केंट बोर्ड का खजाना पूरी तरह से खाली हो चला है। इस बात की बेचैनी अब अधिकारियों और कर्मचारियों में भी साफ नजर आने लगी है।
जानकारी के मुताबिक केंट बोर्ड को रक्षा मंत्रालय को हर वित्तीय वर्ष में अनुदान मिलता है। जिससे केंट बोर्ड आम नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के कार्य करता है। पिछले वित्तीय वर्ष में केंट बोर्ड को करीब 10 करोड़ रुपए का फंड मिला था। वहीं आर्मी सेंटर्स में साफ-सफाई व्यवस्था के लिए केंट बोर्ड को सैन्य प्रशासन से सर्विस चार्ज के रूप में लगभग 3 से 4 करोड़ रूपए प्राप्त होते हैं, लेकिन इस बार न तो रक्षा मंत्रालय से फंड मिला है और न ही स्थानीय सैन्य प्रशासन से सर्विस चार्ज मिल पाया है। पैसों की कमी के चलते केंट बोर्ड द्वारा क्षेत्र में बीते 8 माहों से कोई भी नया काम प्रारंभ नहीं कराया गया हैं। वहीं पुराने प्रोजेक्ट भी अटके हुए हैं।
नहीं हो रहीे बोर्ड बैठक
पिछली बोर्ड बैठक में मेंबर्स ने तय किया था कि हर माह बैठक का आयोजन किया जाएगा, लेकिन तीन माह बीतने को है बोर्ड बैठक की तिथि निर्धारित नहीं हो सकी है। इसके पीछे भी मुख्य कारण आर्थिक संकट को माना जा रहा है। क्योंकि बोर्ड बैठक में तकनीकी अड़चनों के चलते कई माहों से अटके टेंडरों को स्वीकृत किया जाना था। सीधी सी बात है कि टेंडर स्वीकृत होने के बाद पैसों की आवश्यकता होगी। लिहाजा अधिकारी बैठक के आयोजन से कतरा रहे हैं।

आपकी राय

Name
Email
Comment
No comments post, Be first to post comments!

प्रदेश टुडे मैगज़ीन

November, 2014

ब्लॉग

शेयर बाज़ार