जेल पहुंचते ही लालू को हुई घबराहट, बुलाए गए डॉक्टर

On Date : 24 December, 2017, 11:59 AM
0 Comments
Share |

रांची: चारा घोटाले के एक मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव सहित 16 लोगों को शनिवार को दोषी ठहराने वाली यहां की एक विशेष सीबीआई अदालत ने फैसला सुनाते हुए नसीहत के लहजे में कहा कि दोषियों को जेल में जाकर शांतिपूर्वक आत्मचिंतन करना चाहिए. विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश शिवपाल सिंह ने अपना फैसला सुनाने के बाद न्यायिक हिरासत के कागजात तैयार किये जाने के दौरान यह टिप्पणी की.

इस मामले में दोषी ठहराये गए लालू सहित दोषी सभी 16 लोगों को बिरसा मुंडा जेल भेज दिया गया. हालांकि अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा, बिहार के पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद, बिहार विधानसभा की लोक लेखा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष ध्रुव भगत समेत छह लोगों को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया.

रांची की विशेष सीबीआई अदालत में पेशी पर पहुंचे लालू यादव का नाम जब पुकारा गया तो उन्होंने कटघरे में खड़े होकर हाथ ऊपर कर अपनी हाजरी दी. उसके बाद जब अदालत ने चारा घोटाले में लालू यादव को दोषी करार दिया तो वे सन्न रह गए. लालू यादव के मुंह से निकल गया देखो न डॉक्टर साहेब (जगन्नाथ मिश्र) को छोड़ दिया हमको सजा दे दिया... गजबे किया...

लालू को होटवार के बिरसा मुंडा जेल में रखा गया है. जेल में लालू की पहचान कैदी नम्बर 3351 के तौर पर होगी, उन्हें यही नम्बर मिला है. उन्हें अपर डिविजनल सेल में रखा गया है. इस सेल में लालू के पड़ोसी झारखण्ड के पूर्व मंत्री राजा पीटर बने. इसके अलावा आजसू के पूर्व विधायक कमल किशोर और झरिया से विधायक संजीव सिंह भी लालू के पड़ोसी हैं.

चारा घोटाले में दोषी करार दिए गए लालू यादव ने जेल पहुंचते ही सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत की. जिसके बाद जेल प्रशासन ने डॉक्टरों से लालू का चेकअप कराया. पहली रात लालू को जेल का ही खाना खाना पड़ा, उन्होंने लिट्टी चोखा खाने में दिलचस्पी दिखाई थी.

गौरतलब है कि चारा घोटाले में रांची की सीबीआई अदालत ने लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में दोषी माना है. सजा का ऐलान 3 जनवरी को होगा. कोर्ट ने पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्र समेत 6 लोगों को बरी कर दिया है. इस फैसले पर RJD नेता रघुवंश प्रसाद के साथ-साथ पार्टी ने भी सवाल उठाए हैं. रघवुंश प्रसाद ने कोर्ट परिसर के बाहर मीडिया को प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "जगन्नाथ मिश्रा को बेल...लालू को जेल क्यों".

आपको बता दें कि 1996 में हुए इस घोटाले से जुड़े एक मामले में 2013 में निचली अदालत ने लालू को दोषी करार दिया था. इस घोटाले में लालू पर 6 केस चल रहे हैं.

आपकी राय

Name
Email
Comment
No comments post, Be first to post comments!

प्रदेश टुडे मैगज़ीन

November, 2014

ब्लॉग

शेयर बाज़ार