मोदी सरकार का अहम कदम अब...

On Date : 21 March, 2017, 10:55 AM
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नई दिल्‍लीः केंद्र सरकार ने महिला कर्मचारियों के लिए अहम कदम उठाते हुए नया फरमान जारी किया है। सरकार ने तय किया है कि ऑफिस में यौन शोषण की शिकायत करने वाली महिला को 90 दिन की पेड लीव मिलेगी। ये लीव उस समय तक मिल सकती है, जब तक मामले की जांच चल रही हो। इस आशय में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने सेवा नियमावली में आवश्‍यक बदलाव भी कर दिए हैं।
 
ऑफिस में महिलाओं से यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम-2013) के तहत अगर किसी शिकायत की जांच चल रही है और तो उस बीच में शिकायतकर्त्ता महिला 90 दिन तक का अधिकतम विशेष अवकाश ले सकती है। इस दौरान उसे पूरी सैलरी मिलेगी। खास बात ये है कि पीड़िता को दी गई छुट्टियां उसके खाते की छुट्टियों से नहीं काटी जाएंगी।
 
लंबे समय से इस तरह की शिकायत करने वाली महिलाएं यह कहती रही हैं कि उन्‍हें जांच के दौरान धमकियां मिल रही हैं। इन्‍हीं की रोकथाम के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि इस नियम में यह प्रावधान भी रखा गया है कि ये लीव आंतरिक कमेटी की सिफारिश के आधार पर ही दी जाएगी।
 
गौरतलब है कि दिसंबर 2016 में एक नियम लागू कर सरकार ने कहा था कि कार्यस्थल पर यौन शोषण का शिकार होने की शिकायत की जांच 30 दिन के भीतर हो जानी चाहिए। किसी भी स्थिति में ये जांच 90 दिन के भीतर पूरी हो जानी चाहिए। हाल ही में मुंबई स्थित 'स्टार्ट अप' कंपनी 'द वायरल फीवर' की 'सीईओ' अरुणाभ कुमार पर एक महिला ने कथित यौन शोषण का आरोप लगाया था, जिसके बाद दफ्तरों आदि में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए थे। हालांकि कंपनी का कहना है कि अरुणाभ पर लगाए गए आरोपों की जांच चल रही है। अरुणाभ ने इन उन पर लगाए आरोप को गलत ठहराया था।

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