मोदी पतंग की डिमांड, कीमत 50 रुपए

On Date : 13 January, 2018, 9:45 PM
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मकर सक्रांति पर पतंग उत्सव उड़ाने का रिवाज, पतंगों की खरीददारी बढ़ी
प्रदेश टुडे संवाददाता, विदिशा
एक और जहां मकर सक्रांति को लेकर घर घर उत्साह और उमंग का वातावरण बना हुआ हैं सक्रांति को लेकर घरों में लडडू बनने शुरू हो गए हैं। वैत्रवती में डुबकी के बादभगवान की पूजा अर्चना कर लडडुओं का भोग लगाकर स्वंय भी खाएगें तो वहीं दूसरी और सक्रांति को लेकर पतंग उड़ाने का भी रिवाज समाज में हैं।
इसको लेकर पंतगों की दुकान पर ग्राहकों की संख्या में इजाफा हुआ हैं। वैसे तो बारह महीने दुकान पर पतंग बिकती है लेकिन सकं्राति के बाद पतंगों की खरीददारी करने के लिए ग्राहकों की संख्या में इजाफा हो जाता हैं। सीजन में करीब 15 दिन के अंतराल से डेढ़ लाख रुपए की पतंग बैच देतें है। इस बार बच्चों मे मोदी पतंग का जादू जलवा विखेर रहा हैं। पतंग विक्रेता वसीम पठान ने बताया कि करीब 120 सालों से वह पतंग का व्यवसाय कर रहें है लेकिन जब और आज के दौर में बहुत अंतर आया हैं। 2 रुपए से लेकर 50 रुपए तक की पतंग उनके पास विक्रय के लिए रखी हुई हैं।
इस बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फोटो युक्त पतंग विशेष रूप से आई हैं जो बच्चों को लुभा रही हैं और ब्रिकी भी अच्छी खासी हो रही हैं। अमन पठान ने बताया कि उनका घर का खर्च पतंग से ही चलता हैं इस बार चाईनीज मंजा, सर्किल, और गिटटा भी नई क्वालिटी के साथ आए हैं।
जीएसटी ने बढ़ाए पतंग के रेट
वसीम पठान बतातें है केन्द्र सरकार ने जो जीएसटी लगाई  है उससे थोड़ी दिक्क्ते आ रही हैं। पतंग के रेट पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगी हुई हैं। जिसके कारण पतंग महंगी हो गई। 100 रुपए की पतंग 118 में बैंचने मजबूर हैं कई बार ग्राहकों से झगड़ा भी हो जाता हैं। फुटकर विक्रेता को एक दो पतंग खरीदतें है तो वह आसानी से ले जातें है लेकिन थोक खरीददार भी आतें है जो हजारों रुपए का माल खरीदते है तो जीएसटी के कारण मंहगा सामान कम खरीदत हैं। भाव ताव करने पर बहसाबहसी हो जाती हैं।
 दो दिन मनेगी सक्रांति
 वर्षो से 14 जनवरी को मकर सक्रांति मनती चली आ रही है लेकिन पिछले कुछ वर्षो से 15 जनवरी को मकर सक्रांति तिथियों के अनुसार मनाई जाने लगी है जिसके चलते इस बार पुजारी महासभा और विद्ववत परिषद ने 15 जनवरी को मकर सक्रांति मनाने का फैसला किया हैं। पुजारी महासभा के अध्यक्ष पं संजय पुरोहित ने बताया कि 14 जनवरी की शाम 7 बजकर 49 मिनिट पर सक्रांति आई हैं लेकिन 15 जनवरी को सूर्य उदय के साथ डूबकी लगाने का विधान शास्त्रों में हैं इसलिए इस दिन डुबकी लगाना और तिल गुड़ दान करना श्रेयस्कर रहेगा। वहीं पकंज शास्त्री तरावली वालों ने बताया कि मकर सक्रांति 15 जनवरी को मानी गई हैं। 14 जनवरी को 8 बजकर 8 मिनिट से 15 जनवरी को 12 बजकर 8 मिनिट तक रहेगी। इस दिन महिलाएं और श्रदालु बैत्रवती में डुबकी लगाना उचित होगा। इस बार महिषी पर सक्रांति आई हैं। जिससे राजनीतिक अस्थिरता के योग हैं साथ ही मांगलिक कार्य बढ़ेगे।
देर रात में ही शुरू हो जाएगी आस्था की डुबकी
सक्रांति पर सैकड़ों लोग रात में ही स्रान करेगें इसके बाद अल सुबह से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्रान करने पहुंचेगें। ाकर संक्राति के अवसर पर बेतवा में हजारों श्रद्धालु स्रान करने पहुंचते हैं। अल सुबह से ही स्रान शुरू हो जाता है। इसके लिए बेतवा के घाटों की व्यवस्थित साफ-सफाई कराई जाती है। लेकिन इस वर्ष बेतवा के घाटों पर चूना,कीटनाशक डालकर सफाई की रस्म पूरी कर ली गई है। बेतवा के घाटों पर काई और मिटटÞी जमी हुई हैं जो पर्व लेने बाले श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं।

प्रशासन व समिति के बीच नहीं बनी बात
विजय मंदिर में सूर्य प्रतिमा पर जल चढ़ाने जुटेंगे श्रद्धालु
विदिशा। विजय सूर्य मंदिर मुक्त अभियान को लेकर एडीएम एचपी वर्मा ने अपने कार्यालय में एक बैठक बुलाई और संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से चर्चा कर मामले का हल निकालने की बात कही। समिति के देवेन्द्र राठौर ने बताया कि समिति के पदाधिकारी कोई ऐसा काम नहीं करेगें कि किसी व्यक्ति भी भावना को ठेस पहुंचे और प्रशासन को दिक्कत हो। राठौर ने कहा कि उनका और समिति के पदाधिकारी व इससे जुडे लोग 15 जनवरी दोपहर 2 बजे विजय मंदिर जाकर भगवान सूर्य की प्रतिमा को जल चढ़ाएगें और पूजाअर्चना करेगें। अर्पित उपाध्याय का कहना हैं माधवगंज चौराहें पर धर्मसभा आयोजित की जाएगी जिसमें सनातन श्रीहिन्दूउत्सव समिति,युवा ब्राहम्ण विकास परिषद सहित अन्य धार्मिक समितियों के पदाधिकारी शामिल होगें। पदाधिकारियों ने कहा कि अनुमति के लिए प्रशासन से 15 दिन पहले अनुमति मांगी थी अभी तक अनुमति नहीं दी हैं। इधर एडीएम एचवी वर्मा ने कहा कि पुरातत्व विभाग से पूजा अर्चना करने की अनुमति नहीं मिली हैं जिसके चलते पूजा अर्चना करना सभंव नहीं हैं। एसडीएम रविशंकर राय ने पदाधिकारियों से कहा कि पुरातत्वविभाग में विजय मंदिर पर पूजा प्रतिबधिंत है इसलिए यहां पर पूजा करना सभव नहीं हो पाएगा। मामले को लेकर केन्द्र सरकार ही कुछ कर सकती हैं जिस पर देवेन्द्र राठौर ने कहा कि पुरातत्व विभाग ने ही लोकसभा में यह जानकारी दी हैं यहां पर वर्ष 1992 मे भगवान की प्रतिमाएं निकली हैं फिर पूजा क्यों नहीं करने दी जा रही हैं। पूरे मामले को लेकर प्रशासन और समिति के पदाधिकारी अपनी अपनी बात पर अड़िग बने रहे। इस दौरान मनोज कटारे, संजीव शर्मा, अतुल तिवारी, सुजीत देवलिया, राजू अवस्थी, रविकांत शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।
बेतवा घाट पर किया श्रमदान
विदिशा। शनिवार को ‘चलो आज कुछ अच्छा करते हैं’ ग्रुप के सदस्यों द्वारा विदिशा की पावन नदी बेतवा के तट एवं किनारों की सफाई की एवं नदी के तट पर स्थित मंदिरो को धोया गया । कल मकर सक्रांति के महान पर्व पर विदिशा कि इस बेतवा नदी में शहरवासियों के स्नान के महत्व को देखते हुए पूरे तट पर फैले हुए कचरे को एकत्रित कर कचरे को कचरे दान में डाला एवं ग्रुप समस्त विदिशा शहर वासियों से विनम्र अपील करता है कि कल जब आप बेतवा नदी पर स्नान करने जाएं तब नदी की महिमा को देखते हुए किसी भी तरह की पूजन सामग्री या किसी भी तरह का अन्य कोई भी सामग्री नदी मैं नहीं डालें एवं नदी के आस-पास तट पर भी ना छोड़कर आवे वहां सामग्री रखने के स्थान बने हुए बने हुए कृपया सामग्री वहीं पर डालें एवं कोशिश करें नदी पर शैंपू अथवा साबुन से न नहाएं। इससे हमारी ही नदी दूषित होगी। मकर सक्रांति की महिमा तो शुद्ध जल से नहाने की होती है। इस मौके पर ग्रुप के संरक्षक राजकुमार पाठक, देव शर्मा, विशाल शर्मा आदि ने श्रमदान किया।

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