नई नीति मसौदे में निर्यात वित्त के मुद्दे का समाधान होना चाहिए

On Date : 12 January, 2018, 7:44 PM
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मुंबई : वाणिज्य सचिव रीता तेवतिया ने आज कहा कि देश को 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनने के लिये निर्यातकों के वित्त जरूरतों को समाधान के लिये नीति मसौदे को बेहतर बनाने की जरूरत है।

उन्होंने यहां कहा, ‘‘देश को 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनने के लिये हमें व्यापार का योगदान 40 प्रतिशत करने तथा निर्यात कम-से-कम 1,000 अरब डालर करने की जरूरत है। इसे हासिल करने के लिये हमें अपने नीति मसौदे को दुरूस्त करना तथा निर्यात वित्त की जरूरत के समाधान की आवश्यकता है....।’’

उद्योग मंडल एसोचैम के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वाणिज्य सचिव ने यह भी कहा कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों को छोटी इकाइयों के प्रति अधिक संवेदनशील होने की जरूरत है जो मूल्य के हिसाब से निर्यात में 30 प्रतिशत का योगदान करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम व्यापार वित्त मुद्दों पर कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। हमारा नीति मसौदा विदेशी बाजारों तथा ऋण उपलब्धता के जोखिम के संदर्भ में पूरी तरह तैयार नहीं है।’’

रीता ने कहा, ‘‘यह एमसएमई के लिये बड़ी चुनौती है और जबतक हम उसका समाधान नहीं करते, हम एक विश्व स्तर पर धाक नहीं जमा सके।’’

उन्होंने छोटे विनिर्माताओं, सेवा क्षेत्र तथा निर्यातों की जरूरतों को पूरा करने के लिये बैंकिंग नीति को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया।

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