30 सितंबर को होगा रावण वध, जय श्रीराम के जयघोष से गूंजेगा मैदान

On Date : 08 September, 2017, 9:48 PM
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श्री रामलीला महोत्सव 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक
प्रदेश टुडे संवाददाता, होशंगाबाद 
जिले का एकमात्र प्रसिद्ध व नगर में परंपरागत रूप से मनाए जाने वाले रामलीला महोत्सव के दौरान होने वाली रामलीला की प्रस्तुति की व्यापक तैयारियां पूरी हो गई है। लगभग 138 वर्ष से जारी इस रामलीला महोत्सव ने अपनी मौलिक और विशिष्ट छाप छोड़ी है। रामलीला हेतु कलाकारों का चयन दो माह पूर्व कर लिया गया तथा लगन से श्रीराम मंदिर में प्रतिदिन लीला की रिहर्सल की जा रही है। रावण वध के बाद पूरा रामलीला मैदान जयश्रीराम के जयघोष से गुंजाएमान हो जाता है। 
सेठानीघाट पर होती है रामलीला 
सेठानीघाट पर स्थित रंगमंच पर महोत्सव 15 सितंबर से प्रारंभ होकर प्रतिदिन रात्रि 8 बजे तक तथा 26 सितंबर तक नारद मोह से लेकर लंका दहन रामेश्वर स्थाना तक की लीलाओं का प्रदर्शन होगा।  20 सितंबर को श्रीराम बारात नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली जाएगी। 27 सितंबर लक्ष्मण शक्ति की लीला से 30 सितंबर विजयदशमी तक दशहरा मैदान खुले आकाश के नीचे प्रतिदिन साढ़े चार बजे से प्रस्तुत की जाएगी। जिसमें पात्र मैदानी लीला का अभिनय करेंगे। एक अक्टूबर से 2 अक्टूबर तक दो दिन की लीला सेठानीघाट प्राचीन नर्मदा मंदिर के सामने रात्रि में होगी। जहां पर श्रीराम राज्याभिषेक की लीला होगी एवं हवन शांति के बाद महोत्सव का समापन होगा। 
लीला में यह दृश्य रहेंगे 
महोत्सव समिति अध्यक्ष पं. गिरिजाशंकर शर्मा ने बताया कि रामलीला में राम जन्म, ताड़का वध, धनुष्य यज्ञ, परशुराम संवाद, राम वनवास एवं दशरथ मरण रंगमंचीय प्रस्तुति होगी। जिसे देखने के लिए स्त्री पुरूष की भारी भीड़ रहती है। इसमें वनवास और दशरथ मरण के प्रसंग तो इतने प्रभावी और हृदय स्पर्शी होते हैं। 
दशहरा मैदान में होगा रावण वध 
दशहरा मैदान पर मेघनाथ, कुंभकर्ण और रावण के विशालकाय 30 फुट के ऊंचे पुतले बनाए जाते हैं और राम दल के साथ उनके साथ संघर्ष का प्रदर्शन रोमांचक होता है। इनके वध का प्रदर्शन के बाद आग की लपटों, विस्फोट के धमाकों के साथ दहन होता है। मैदान हजारों की संख्या में जनसमूह एकत्रित होता है। दशहरे के दिन  जिले भर के ग्रामीण क्षेत्रों से भी आते हैं और रात भर भजन संध्या एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। 
सौंपी जिम्मेदारी 
श्रीराम लीला महोत्सव महोत्सव समिति के लीला अधिकारी मुन्न उर्फ प्रशांत दुबे ने बताया कि  रामलीला की तैयारियों में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगरपालिका प्रशासन एवं नगर के अन्य संगठनों के लोगों का सहयोग भी लिया जाता है। जिससे महोत्सव के सुचारू रूप से सफल बनाया जा सके। सभी पदाधिकारियों को अपनी अपनी जिम्मेदारी सौंप दी गई है सभी अपने अपने कार्य में जुट गए हैं। 

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