पनामा पेपर : नवाज शरीफ कोर्ट में नहीं हुए पेश

On Date : 13 October, 2017, 2:10 PM
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इस्लामाबाद: पाकिस्तान की एक भ्रष्टाचार निरोधक अदालत ने बर्खास्त प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनकी बेटी मरियम और दामाद मोहम्मद सफदर के खिलाफ पनामा पेपर मामले में वकीलों के प्रदर्शन के बाद आरोप तय करने की कार्यवाही 19 अक्टूबर तक स्थगित कर दी है. शीर्ष न्यायालय द्वारा 28 जुलाई को शरीफ को प्रधानमंत्री पद से अयोग्य ठहराए जाने के फैसले के बाद ‘राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो’(एनएबी) ने शरीफ, उनके परिवार के सदस्यों और वित्त मंत्री इशाक डार के खिलाफ इस्लामाबाद जवाबदेही अदालत में भ्रष्टाचार व धन शोधन के तीन मामले दर्ज किए हैं.

जानकारी के अनुसार, न्यायाधीश मोहम्मद बशीर की अदालत में कार्यवाही शुरू होने ही वाली ही थी कि वकील सुरक्षा इंतजामों पर विरोध करने लगे जिसने अदालत परिसर में उनकी आवाजाही पर बंदिशें लगा दी है. न्यायाधीश बशीर अदालत कक्ष से बाहर चले गए और बाद में सुनवाई को 19 अक्टूबर तक स्थगित करने का ऐलान किया.

नवाज शरीफ सुनवाई में शामिल नहीं हुए क्योंकि वह लंदन में अपनी पत्नी कुलसुम की तीमारदारी में मसरूफ हैं. सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) के एक आला अधिकारी ने बताया कि शरीफ ने सुनवाई में शामिल होने और आरोपों से इनकार करने के लिए एक प्रतिनिधि को नामांकित किया था.

संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मरियम ने वकीलों के लिए गैर जरूरी अड़चनें पैदा करने पर चिंता जाहिर की और गृह मंत्रालय से घटना की जांच करने को कहा. उन्होंने कहा, ‘‘ मैं नहीं जानती कि वकीलों के लिए किसने परेशानी पैदा की. इससे बचा जाना चाहिए था.’’

इस बीच, पीएमएल-एन के सांसद परवेज राशिद ने कहा, ‘‘ नवाज शरीफ आज इस्लामाबाद में जवाबदेही अदालत में पेश नहीं हुए क्योंकि वह लंदन में अपनी बीमार पत्नी बेगम कुलसुम के साथ हैं.’’ राशिद ने कहा कि शरीफ अगली सुनवाई पर लौट सकते हैं लेकिन यह उनकी पत्नी की स्थिति पर निर्भर करता है. पीएमएल-एन ने शरीफ की वापसी का सटीक वक्त नहीं बताया.अदालत ने नौ अक्तूबर की सुनवाई के दौरान शरीफ के बेटों हुसैन और हसन और उनकी बेटी तथा दामाद की शरीफ के मामले से अलग सुनवाई का फैसला लिया था.

अदालत ने यह भी आदेश दिया था कि कोर्ट के सामने पेश होने में असफल रहने के लिए शरीफ के बेटों को भगोड़ा घोषित करने के लिए प्रक्रिया शुरू की जाए. एनएबी ने कहा कि हुसैन और हसन को अदालत में पेश होने के लिए 30 दिन (10 नवम्बर तक) की मियाद दी गई है और ऐसा करने में विफल रहने पर उन्हें भगोड़ा घोषित किया जाएगा.

शरीफ और उनके परिवार के सदस्यों के अदालत में पेश होने के लिए उन पर दवाब बनाने के वास्ते भ्रष्टाचार विरोधी इकाई एनएबी ने उनके बैंक खातों पर रोक लगा दी है और उनकी संपत्तियां जब्त कर ली हैं.

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