इन्टरएक्शन एवं नेटवर्क के माध्यम से सीखते हैं प्रोफेशनल्स: प्रो. रामनारायण

On Date : 12 January, 2018, 3:19 PM
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जयपुर। कभी हम कांफ्रेस, कभी कानक्लेव, कभी कांग्रेस तो कभी कन्वेशन शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। यह चारों शब्द इन्टर चेंजेबल है। इनमें सबसे उपयुक्त शब्द कांफ्रेस है। यह बात मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर के चांसलर प्रो. के. रामनारायण ने कही। वे मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर में 24 वीं अर्न्तराष्ट्रीय कांफ्रेस इंडियन सोसायटी आॅफ केमिस्ट एंड बॉयोलोजिस्ट - आईएससीबीसी 2018 में प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कांफ्रेस का अर्थ समझाते हुए कहाकि यह इन्टरएक्ट, नेटवर्क एवं एक दूसरे से सीखने का अवसर प्रदान करता है। कांफ्रेंस में प्रोफेशनल्स आते एवं एक-एक दूसर ेसे व्यवहार के माध्यम से सीखते हैं। उन्होंने कनवेंशन, काफ्रेंस, कानक्लेव एवं कांग्रेस शब्दों के अन्तर को स्पष्ट करते हुए पृथक रूप से उन्हें समझाया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर के चांसलर प्रो. के. रामनारायण, प्रेसिडेंट, प्रो. संदीप संचेती, डीएसआईआर एवं डीजीसीएसआईआर के सचिव, डॉ. गिरीश साहनी, इंन्स्टीट्यूट आॅफ कैमीकल टेक्नॉलॉजी मुंबई के प्रो. एमएम शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर किया।

 विश्वविद्यायल के प्रेसिडेंट, प्रो. संदीप संचेती ने कांफ्रेस के आयोजन पर खुशी व्यक्त की एवं विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी।

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