पंजाब के मंत्री ने प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए 'सिक्का उछालकर'...

On Date : 13 February, 2018, 10:31 PM
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चंडीगढ़ः पंजाब के तकनीक शिक्षा मंत्री ने पॉलिटेक्निक इंस्टिट्यूट में प्रोफेसर की नियुक्ति की चाह रखने वाले दो उम्मीदवार में से एक का चयन करने का फैसला सिक्का उछाल कर किया. राज्य सरकार के मंत्री द्वारा की गई घटना कैमरे में कैद हो गई और एक समाचार चैनल ने इसका प्रसारण भी कर दिया. हालांकि, प्रदेश की कांग्रेस सरकार के प्रवक्ता ने दावा किया कि मंत्री की मंशा पारदर्शी तरीके से स्थान का आवंटन करने की थी. उन्होंने मीडिया पर गैरजरूरी विवाद पैदा करने का आरोप लगाया.
गौरतलब है कि नाभा और पटियाला के दो व्याख्याता पटियाला स्थित सरकारी पॉलिटेक्निक इंस्टिट्यूट में अपनी तैनाती चाहते थे. एक ने अधिक अंक लाने का हवाला दिया तो दूसरे ने खुद को अधिक अनुभवी बताया .इस मामले को सुलझाने के लिए प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने कथित रूप से सिक्का उछाल कर इसका फैसला करने का निर्णय किया.

चरणजीत चन्नी ने मीडिया के समाने इस खबर पर सफाई देते हुए कहा, 'इन इंस्टिट्यूट्स में पोस्टिंग को पहले बेचा जाता था. मैंने इस जाल को तोड़ा है. 37 उम्मीदवारों को बुलाया था और उन्हें उनकी पसंद की जगह पोस्टिंग दी गई.  एक समान मैरिट के दो लड़के एक ही इंस्टिट्यूट चाहते थे. इसलिए उन्होंने ही टॉस करने का सुझाव दिया.'
वहीं इस मामले पर केंद्र सरकार में मंत्री और अकाली नेता हरसिमरत कौर बादल ने कहा, ' यह दर्शाता है कि अमरिंदर सिंह की कैबिनेट में कितने योग्य मंत्री है. जनता को इन्हें बाहर कर देना चाहिए. इस तरह के फैसले लेने के लिए कुछ मापदंड होते है. कैसे कोई केवल सिक्का उछाल कर निर्णय कर सकता है. '
पंजाब के कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक राणा गुरजीत सिंह और उनके परिवार से जुड़ी कुछ कंपनियों का नाम रेत खनन आवंटन की गड़बड़ियों में सामने आया है, जिसके कारण उन्होंने पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को इस्तीफा भेजा है. पिछले दिनों प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरजीत सिंह के बेटे को मनी लॉड्रिंग के एक मामले में समन भेजा था.

अमरिंदर के खास हैं गुरजीत सिंह
राणा गुरजीत सिंह का नाम प्रदेश के उन नेताओं में शुमार हैं जिनका सीधा कनेक्शन सीएम अमरिंदर सिंह हैं. अमरिंदर के साथ राजनीतिक संबंधों के साथ-साथ गुरजीत के पारिवारिक संबंध भी काफी अच्छे बताए जाते हैं. माना जाता है कि वर्ष 2017 में विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज करने के बाद अमरिंदर ने राणा गुरजीत सिंह को संबंधों के कारण ही उन्हें ऊर्चा और सिंचाई मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया था.

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