PM मोदी को शहीद पायलट के पिता की चिट्ठी

On Date : 07 July, 2017, 11:45 AM
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तिरूवनंतपुरम: अरूणाचल प्रदेश में 23 मई को सुखोई-30 लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने पर जान गंवाने वाले 2 पायलटों में शामिल फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस अचुदेव के परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। दिवंगत फ्लाइट लेफ्टिनेंट अचुदेव के पिता सहदेवन वीपी ने पत्र में अपने बेटे के साथ हुए हादसे की सीबीआई या एनआईए या रॉ या आईबी से जांच कराने की मांग की है, ताकि दुर्घटना के पीछे के रहस्य का खुलासा हो सके और सच्चाई सामने आ सके।

उन्होंने अत्तीनगल सांसद डॉ ए संपत के मार्फत भेजे पत्र में कहा है, हमें काफी गर्व है कि उन्होंने हमसे दूर रह कर वायुसेना की सेवा की, वह मेरे परिवार की सबसे बड़ी संपत्ति थे। अचुदेव की वापसी की उसकी गमगीन मां इंतजार कर रही है, ऐसे में आपसे पूरे विश्वास के साथ अपने बेटे का पता लगाने के लिए हर संभव कोशिश शुरू करने का अनुरोध करता हूं। इसी तरह के पत्र रक्षा मंत्रालय और वायुसेना प्रमुख को भी भेजा गया है।   

सहदेवन ने 3 जुलाई को संपत से कहा था कि वायुसेना ने एक सांकेतिक ताबूत भेजा है, जिसमें उनके बेटे का कोई अवशेष नहीं है। उन्होंने कहा है कि दुर्घटनास्थल से बरामद वस्तुओं में उनके बेटे के बटुए का जला हुए एक टुकड़ा, दूसरे पायलट का एक जूता और एक दस्ताना है। उनके अवशेषों का पता लगाना होगा। उन्होंने कहा कि अब तक पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है और ना ही जांच की है।

गौरतलब है कि अचुदेव 23 मई को स्कवाड्रन लीडर पंकज के साथ उस वक्त लापता हो गया जब वह तेजपुर वायुसेना स्टेशन पर नियमित ड्यूटी पर था। इसरो के पूर्व वैज्ञानिक सहदेवन ने कहा, हमें अब भी यकीन है कि वह लापता है। यदि फ्लाइट डाटा रिकार्डर और कॉकपिट वॉयस रिकार्डर बरामद हो गया है तो नियंत्रण या कमांडिंग केंद्र और पायलट के बीच आखिरी बातचीत का ब्योरा दिया जाए। यह लड़ाकू विमान 23 मई को डोलसांग इलाके में एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान लापता हो गया था। विमान के मलबे का 26 मई को पता चला था।

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