सूरमा की फैंक 13 जनवरी 2018

On Date : 13 January, 2018, 12:30 PM
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तो जब टेंशन के बादल इत्मीनान की धूप छीन रहे हैं, सब्र वाली खुशनुमा शामें कैद हैं दफ्तरों में, तब जरूरी है बे्रक, हंसी ठहाकों का, कविता गीत का, मन की जीत का। पत्रकारिता और टेंशन दोनों एक दूसरे से बावस्ता हैं। और आजकल की पत्रकारिता में टेंशन कुछ ज्यादा ही बड़ गया है। इसी टेंशन से ब्रेक लेने का मौका फराहम करा रहा है वूमेन्स प्रेस क्लब। कल मकर संक्रांति के मौके पे भोजपुर क्लब में वूमेन्स प्रेस क्लब ने एक ओपन माइक सेशन रखा है। यहां महिला जर्नलिस्टों के साथ ही पुरुष जर्नलिस्ट भी मय अहलोअयाल के मौजूद होंगे। कुछ अपनी सुनाएंगे तो कुछ औरों की सुनेंगे। पत्रकारिता से हटके कोई गीत गाएगा तो कोई दिलचस्प किस्से बयां करेगा तो कोई मिमिक्री आइटम देगा। कुल मिलाके टेंशन को ब्रेक लगाने का ये फंडा कल पेली बार सामने आ रहा है। वूमेन्स प्रेस क्लब ने तमाम सहाफियों को इस अनूठे प्रोगाम में बुलाया है। आयोजक चाहते हैं कि यहां काम और काम के बोझ का रोना न रोते हुए कुछ गुदगुदाने वाले लम्हे साथ गुजारे जाएं। भोत उम्दा पिरयास हेगा मोहतरमाओं का। पेशगी मुबारकबाद।

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