श्रीनगर: CRPF के हेडक्वार्टर पर आतंकी हमले की कोशिश नाकाम, सर्च ऑपरेशन जारी

On Date : 12 February, 2018, 8:57 AM
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श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में आतंकी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. सुंजवान आर्मी कैंप पर हमले के दो दिन बाद सोमवार तड़के दो आतंकी CRPF की 23वीं बटालियन हेडक्वार्टर के बाहर हमला करने पहुंचे थे, हालांकि समय रहते उन्हें रोक दिया गया. दोनों आतंकियों को पकड़ने के लिए पूरे इलाके में सर्च अभियान चलाया जा रहा है. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक आतंकियों के पास कई बैग और भारी मात्रा में हथियार देखे गए हैं. इन आतंकियों की तलाश में पूरे इलाके को घेर लिया गया है.

सुंजवान: सुरक्षाबलों ने जम्मू के सुंजवान सैन्य शिविर में छिपे दो और आतंकवादियों को मारा गिराया जबकि जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकवादियों के हमले में सेना के तीन और जवानों के शहीद होने तथा एक नागरिक के मारे जाने के साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आज यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि जैश-ए-मोहम्मद के भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने शिविर पर शनिवार तड़के हमला कर दिया था. सुरक्षाबलों ने कल दो आतंकवादियों को मार गिराया था. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘दो और आतंकवादी मारे गए हैं. इसके साथ ही अब मारे गए आतंकवादियों की संख्या चार हो गई है.’’

शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि सेना के तीन और जवान शहीद हो गए तथा एक सैन्य कर्मी के पिता की मौत हो गई. इसके साथ ही मृतकों की संख्या छह हो गयी है . सेना के एक अधिकारी ने बताया कि अभियान जारी है . जम्मू में सेना के जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘अभियान चल रहा है और क्वार्टरों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है.’’

उन्होंने बताया कि कई परिवार अब भी वहां हैं और सेना का मकसद उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है. अधिकारी ने कहा, ‘‘कल रात से कोई गोलीबारी नहीं हुई.’’ जम्मू क्षेत्र में करीब 15 महीने पहले ऐसा ही हमला हुआ था. 29 नवंबर 2016 को आतंकवादी जम्मू शहर में नगरोटा सैन्य शिविर में घुसे थे जिसमें दो अधिकारी समेत सात सैन्य कर्मी शहीद हो गए थे. इसमें तीन आतंकवादी भी मारे गए थे. आतंकवादी कल भोर होने से पहले संतरी से संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद पीछे की ओर से शिविर के भीतर घुसे थे .

अधिकारी ने कहा, ‘‘आतंकवादी आवासीय परिसर में घुसे जिसके बाद त्वरित कार्रवाई दलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी और शिविर के भीतर कुछ घरों में छिपे आतंकवादियों को घेर लिया.’’ शिविर के सामने जम्मू-लखनपुर बाइपास पर वाहनों की आवाजाही जारी है जबकि बुलेट प्रूफ वाहनों में सवार सैन्य कर्मी शिविर के पीछे की ओर आवासीय परिसर से लोगों को निकालने के अभियान में जुटे हैं. सीआरपीएफ और पुलिस के दल शिविर की दीवार के बाहर तैनात हैं और नागरिकों को हताहत होने से बचाने के लिए आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखे हुए हैं.

जम्मू में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और शहर में तथा आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. खुफिया एजेंसियों ने अफजल गुरू की बरसी के मद्देनजर जैश-ए-मोहम्मद द्वारा सेना या सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले की चेतावनी दी थी. अफजल गुरू को वर्ष 2001 में संसद भवन पर हमले के दोष में नौ फरवरी 2013 को फांसी दी गई थी.

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