सुंजवान हमलाः 10 महीने पहले कश्मीर में घुस गए थे आतंकी

On Date : 12 February, 2018, 8:35 AM
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जम्मूः सुंजवान में आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले पर सूत्रों के हवाले से बड़ी ख़बर मिली है. सुंजवान आर्मी कैंप पर हमला करने वाले आतंकी 10 महीने से कश्मीर में डेरा डाले हुए थे और वो इस हमले की प्लानिंग लंबे वक़्त से कर रहे थे सूत्रों से मिली ख़बर के मुताबिक़ घाटी से जम्मू पहुंचाने में एक स्थानीय ने उनकी आर्मी कैंप में घुसने में मदद की थी. खबर है कि मारे गये सभी आतंकी पाकिस्तान से थे उनके नाम हैं. इन आतंकियों का नाम क़ारी मुश्ताक़ मोहम्मद आदिल और राशिद भाई है. अब इन आतंकियों को जम्मू पहुंचाने और इनकी मदद करने वालों की तलाश हो रही है.

ऐसा बताया जा रहा है कि ये आंतकी दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल में आकर रुके हुए थे. आपको बता दें कि त्राल आतंकी बुरहान वानी का गढ़ है. ये सभी आतंकी जैश ए मोहम्मद के बताए जा रहे है. ऐसी जानकारी मिली है कि ये आतंकी अफजल गुरु की बरसी (9 फरवरी) के अगले दिन ही बड़े हमले की तैयारी में थे.

आपको बता दें कि जम्मू सुंजवान आर्मी कैंप हमले में मारने ताजा अपडेट मिलने तक 3 आतंकियों को ढेर किया जा चुका है. इस हमले में सुरक्षाबलों के 5 शहीद हुए जवान शहीद हुए है. जबकि एक जवान के पिता की भी मौत हो गई है.  इस हमले में कर्नल रैंक के अफसर समेत कुल 9 जवान घायल हुए हैं.

 
शहीद जवानों में सूबेदार मदन लाल चौधरी, सूबेदार मोहम्मद अशरफ मीर, हवलदार हबीबउल्ला कुरैशी,  नायक मंजूर अहमद, लांस नायक मोहम्मद इकबाल शामिल है. इस हमले में एक नागरिक की भी मौत हुई है जो कि लांस नायक मोहम्मद इकबाल के पिता हैं.

भारतीय सुरक्षाबलों की कार्रवाई में मारे गए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियारों के साथ एनर्जी ड्रिंक, चॉकलेट, पानी की बोतल, लाइटर और सिरिंज बरामद हुई है. आपको बता दें कि साल 2017 में जम्मू कश्मीर में अब तक कुल 218 आतंकी मारे गए हैं वहीं इसी साल जम्मू कश्मीर में 83 जवान शहीद हो चुके है. इस हमले की जांच के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी सुंजवान आर्मी कैंप पहुंच चुकी है.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम ने सुंजवान सैन्य शिविर का रविवार (11 फरवरी) को दौरा किया और मुठभेड़ स्थल से सेना द्वारा एकत्रित सबूतों की जांच पड़ताल की. सैन्य शिविर पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों के एक समूह ने हमला किया था. जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों द्वारा किये गए हमले में पांच सैन्यकर्मियों सहित 6 की मौत हो गई जबकि 10 अन्य घायल हो गए थे. जवाबी कार्रवाई में 3 आतंकवादी मारे गए.यहां जम्मू-पठानकोट बाईपास पर स्थित सैन्य स्टेशन के भीतर आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई शनिवार (10 फरवरी) शुरू हुई थी और यह रविवार दूसरे दिन भी जारी थी.

एक अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि यद्यपि अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है, एनआईए टीम ने शिविर के भीतर मुठभेड़ स्थल का दौरा किया और सेना द्वारा एकत्रित सबूत की जांच पड़ताल की.एनआईए नवम्बर 2016 में हुए नगरौटा हमला मामले की पहले ही जांच कर रही है. उसने पठानकोट एयरबेस हमला मामले में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है और इसमें जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर को आरोपी बनाया है.

अधिकारी ने कहा कि चूंकि (सुंजवां) हमला भी जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों का काम है, एनआईए पूर्ववर्ती मामलों से उसके संबंध देख रही है जो कि जिससे उसे अजहर के मामले में एक मजबूत मामला बनाने में मदद मिलेगी और भारत संयुक्त राष्ट्र में एक मजबूत मामला बना सकता है.

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