उन्नाव: कर्नाटक चुनाव के बाद अब सभी राजनीतिक पार्टियों की निगाहें 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर टिकी हैं. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार (20 मई) को ये साफ किया कि उनकी पार्टी विपक्षी दल के साथ मिलकर आगामी लोकसभा चुनाव लड़ेगी. उन्होंने बातों ही बातों में इशारा किया कि अगले पीएम 'नेता जी' यानि मुलायम सिंह यादव भी हो सकते हैं. रविवार (20 मई) को लखनऊ जाते समय नवाबगंज स्थित पक्षी विहार में पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने ये बात कहीं. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल मिलकर आगामी लोकसभा चुनाव लड़ेंगे और एक सर्वमान्य नेता इसका मुखिया होगा.

पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि अभी तक मैंने जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों को बिकते सुना था, लेकिन कर्नाटक में विधायकों को खरीदने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन सफल नहीं हो सके. उन्होंने कहा, ' उच्चतम न्यायालय ने वहां लोकतंत्र को कलंकित होने से बचा लिया और वहां जनता के हितों की सरकार बनी'.

इस दौरान उन्होंने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीजेपी झूठों की पार्टी है. सरकार क्या कर रही है. इस सरकार में किसान आत्महत्या करने को मजबूर है, वहीं बच्चों को कुत्ते नोच रहे हैं. उन्होंने कहा, 'प्रदेश में योगी सरकार को एक साल से ज्यादा हो गया है, लेकिन अब तक कोई काम नहीं किया. योगी सरकार हर मोर्चे पर विफल है.'

जहरीली शराब कांड में समाजवादी पार्टी के नेताओं के नाम सामने आए. तो वहीं अखिलेश यादव ने इसपर भी सरकार को सवालों के बीच खड़ा कर दिया. अखिलेश यादव ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि अगर एसपी नेता इस मामले में संलिप्त थे, तो सरकार क्या कर रही थी. इसके साथ-साथ अखिलेश यादव ने कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, 'कहीं शराब से लोग मर रहे हैं, तो कहीं रेलवे की खुली क्रॉसिंग से बच्चों की जान जा रही है.'

आपको बता दें कि रविवार (20 मई) को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव महोबा में करहराकला गांव पहुंचे थे. जहां उन्होंने मृतक किसान के परिवार को 25 हजार रुपए की नकद धनराशि दी, साथ ही जल्द एक-एक लाख रुपए और देने का भरोसा दिया.