उत्तर प्रदेश : कांग्रेस ने कहा कि उपचुनावों के नतीजे बताते हैं कि झूठ, धोखे और विश्वासघात पर आधारित BJP के साम्राज्य के अंत की शुरुआत हो चुकी है. कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद तिवारी ने कहा कि जनता ने जो निर्णायक जीत दी है उसके लिए पार्टी आभार व्यक्त करती है.

गुरुवार दोपहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद तिवारी ने कहा, 'बीजेपी सरकार चार साल की उपलब्धियां बता रही थी, उन उपलब्ध‍ियों पर व्यापक जनादेश आज आया है. देश के नक्शे पर चारों दिशाओं में उपचुनाव हुए हैं. लगभग सभी बीजेपी या एनडीए के पास थीं. जनादेश आ गया. अब तक आए नतीजों के अनुसार बीजेपी ने यूपी की नूरपुर की सीट खो दी ही. कैराना में कांग्रेस समर्थि‍त गठबंधन को निर्णायक बढ़त मिली है.'

बीजेपी हार गई सेमीफाइनल
उन्होंने कहा, ' इस चुनाव के बारे में दो बातें महत्वपूर्ण हैं. मार्जिन बहुत ज्यादा है और ज्यादातर सीटें बीजेपी के पास थीं. यह झूठ, धोखे और विश्वासघात पर आधारित भाजपा के साम्राज्य के अंत की शुरुआत है. वही कह रहे थे कि यह सेमीफाइनल है, तो यह वे हार गए हैं. जनता ने बीजेपी को हराने का मन बना लिया है, जहां मौका मिल रहा है वह सबक सिखा रही है. हमें खुशी है कि कांग्रेस के समर्थन वाले गठबंधन को जीत मिली है.'

हिंदुस्तान भी हारेंगे
प्रमोद तिवारी ने कहा, 'बीजेपी ने सहानुभूति लेने के लिए यूपी की सीटों पर किसी कार्यकर्ता को नहीं बल्कि नेताओं के परिवार से ही प्रत्याशी उतारे थे. वे मतों से हारे ही, नैतिकता में भी हार गए. पीएम नैतिक रूप से इतने ऊपर चले गए कि 9 किमी की सड़क का उद्घाटन भी उस दिन किया, जिस दिन चुनाव प्रचार बंद हुआ था. इसके लिए पीएम ने रोड शो तक किया. इसके बाद बागपत में सभा की. वहां कैराना से लोगों को लाया गया. पीएम को यह शोभा नहीं देता, लेकिन उनको लगता था कि कैराना हारे तो हिंदुस्तान हारे. अब यह साफ हो गया कि वे हिंदुस्तान भी हारेंगे.

ध्रुवीकरण की कोशिश को जवाब
उन्होंने कहा कि किसी सीएम की यह जिम्मेदारी होती है कि कहीं आग लगी हो तो उसे बुझाए, दंगा हो तो उसे भूल जाने की बात करे, लेकिन हमारे सीएम ने अपने भाषण की शुरुआत ही यहीं से की कि 'मत भूलना कैराना के लोगों जो दंगा हुआ था'. यह सांप्रदायिक धु्वीकरण के लिए हुआ तो मैं बधाई देता हूं कि कैराना की जनता को कि उन्होंने इसे ठुकरा दिया.

उन्होंने कहा, 'यही नहीं जिन्ना जिनका कैराना से कोई मतलब नहीं था, उन्हें भी इन चुनावों में याद किया गया. पीएम ने सारी नैतिकता, चुनाव आचार संहिता, मर्यादा, पीएम की गरिमा को ताक पर रख अंतिम दिन परोक्ष चुनाव प्रचार किया. 73 जगह पुनर्मतदान हुआ, जबकि हमारी मांग 300 जगहों पर कराने की थी. 300 जगहों पर पुनर्मतदान होता तो मार्जिन बहुत बड़ी होती.

हार की खीझ
उन्होंने कहा कि बीजेपी हार की पीड़ा की वजह से राजनीतिक द्वेष की भावना से कर्नाटक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हमारे नेता डीके शिवकुमार और पी. चिदंबरम को परेशान कर रही है. उन्होंने कहा, 'बीजेपी वालों लाख प्रयास कर लो आप, चाहे जितनी बदले की भावना से काम करो, दीवार पर लिखी इबारत साफ है, बीजेपी का जाना तय है. कांग्रेस के साथियों का आना तय है.'