सिंगापुर : मंगलवार को सिंगापुर में इस सदी की दुनिया की सबसे बड़ी मुलाकात या कहें तो महामुलाकात पर दुनिया की नजरें टिकी हुई थीं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन के बीच हुई मुलाकात पर. ये मुलाकात 90 मिनट तक चली. दो दौर की बात और फिर वर्किंग लंच के बाद दोनों देशों ने साझा बयान जारी किया और फिर हुआ वो बड़ा ऐलान जिसपर दुनिया की सुरक्षा और शांति का बहुत बड़ा दारोमदार है.

कोरियाई प्रायद्वीप का पूर्ण निरस्त्रीकरण होगा
साझे बयान में कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण निरस्त्रीकरण पर दोनों देशों ने सहमति जताई. यही वो शर्त थी जिसके पूरा होने की शर्त पर अमेरिका बातचीत के टेबल पर आया था. इसी शर्त को उत्तर कोरियाई शासक द्वारा माने जाने के बाद ट्रंप सिंगापुर पहुंचे थे.

प्रतिबंध जारी रहेंगे
मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया कि बातचीत काफी सकारात्मक रही है. किम ने भरोसा दिलाया है कि वादों को पूरा करेंगे. कोरियाई प्रायद्वीप को पूरी तरह परमाणु हथियारों से मुक्त किया जाएगा. अमेरिका हथियारों को नष्ट कराने के बाद उसकी जांच कराएगा. ये विश्व शांति के लिए जरूरी है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया कि शर्तों के पूरा होने तक प्रतिबंध अभी जारी रहेंगे.

विश्वयुद्ध का टला खतरा?
गौरतलब है कि हाल तक उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण और इंटरकंटिनेंटल मिसाइलों को लेकर विश्वयुद्ध का खतरा उत्पन्न हो गया था. फिर इसी शर्त पर दोनों देश बातचीत की टेबल पर लौटे. उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण, हाइड्रोजन बमों के परीक्षण और मिसाइल परीक्षण पर अमेरिका का रुख सख्त था. ट्रंप ने ऐलान किया किम सभी परमाणु और मिसाइल परीक्षण स्थलों को नष्ट कराएंगे और अमेरिका इसकी निगरानी करेगा.

ट्रंप ने किम जोंग उन की सराहना करते हुए कहा कि इस उम्र में वे काफी प्रतिभावान हैं. वे अपने देश से बहुत प्यार करते हैं. किम के पास ऐतिहासिक मौका है अपने देश को दुनिया के साथ जोड़ने का, दुनिया की प्रगति में हिस्सेदार बनाने का. किम ने कोरियाई प्रायद्वीप को पूरी तरह परमाणु हथियारों से मुक्त करने का भरोसा दिलाया है. हम इस वादे पर भरोसा करेंगे और इस मिशन को पूरा करेंगे. ट्रंप ने इस मुलाकात को दुनिया में शांति की दिशा में सबसे बड़ा कदम बताया.