नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर उर्जित पटेल ने मंगलवार को एक संसदीय समिति से कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की अधिक कारगर निगरानी के लिए केंद्रीय बैंक को और अधिकारों की जरूरत है. रिजर्व बैंक के गवर्नर वित्त पर संसद की स्थायी समिति के समक्ष उपस्थित हुए. सूत्रों ने बताया कि पटेल को डूबे कर्ज, बैंक धोखाधड़ी, नकदी संकट और अन्य मुद्दों पर सांसदों के कड़े सवालों का सामना करना पड़ा.

देश में कुल 21 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक
सूत्रों ने बताया कि गवर्नर ने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि प्रणाली को मजबूत करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. सरकारी बैंकों के बारे में उन्होंने कहा कि आरबीआई का उन पर अपर्याप्त नियंत्रण है. बैठक में मौजूद सूत्रों ने बताया कि गवर्नर ने समिति से सरकारी बैकों पर नियंत्रण के लिए अधिक अधिकारों की मांग की. एसबीआई समेत देश में कुल 21 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हैं.

सामूहिक घाटा 87 हजार 300 करोड़ रुपये
वित्त वर्ष 2017-18 में सरकारी बैंकों का सामूहिक घाटा 87 हजार 300 करोड़ रुपये रहा है. पीएनबी को 12 हजार 283 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सिर्फ दो बैंक इंडियन बैंक और विजया बैंक को 2017-18 में मुनाफा हुआ है. वित्त वर्ष के दौरान इंडियन बैंक ने 1,258.99 करोड़ रुपये और विजया बैंक ने 727.02 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया. दिसंबर, 2017 के अंत तक पूरे बैंकिंग क्षेत्र की सकल गैर निष्पादित आस्तियां (NPA) 8.31 लाख करोड़ रुपये थीं.