चेन्नईः तमिलनाडु में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक सिद्धांत रूप में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एकसाथ कराने के प्रस्ताव पर सहमत है। हालांकि, पार्टी चाहती है कि इसपर 2021 के बाद विचार किया जाना चाहिये, जब राज्य की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो जाएगा।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता और राज्य के मत्स्यिकी मंत्री डी. जयकुमार ने शनिवार को बताया कि इस राय से विधि आयोग को एक पत्र के जरिये अवगत करा दिया गया है और दिल्ली में आज से इस मामले पर होने वाले दो दिवसीय विमर्श के दौरान अन्नाद्रमुक के नेता इसे एकबार फिर रखेंगे। वह लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एकसाथ कराए जाने के संबंध में तमिलनाडु सरकार के रुख के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 2021 तक है , इसलिये विधानसभा के चुनाव अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ नहीं कराए जाने चाहिये। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एकसाथ कराए जाने पर 2024 में विचार किया जा सकता है। जयकुमार ने कहा कि यद्यपि अन्नाद्रमुक लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने पर सिद्धांत रूप में सहमत है। इसका आशय अम्मा (दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता) के रुख का पालन करने से है , लेकिन इसपर 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद विचार किया जाना चाहिये।

जयललिता ने 2015 में संसद की कार्मिक , विधि एवं न्याय मामलों की संसदीय समिति को बताया था कि उनकी पार्टी सिद्धांत रूप में एकसाथ चुनाव कराए जाने के विचार का समर्थन करती है।