मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस को माओवादी संगठनों से मिली धमकी के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को फडनवीस के परिवार को जान से मारने की धमकी भरे दो पत्र मिले। फडनवीस ने बताया कि छापे के दौरान इस तरह की कई सामग्रियां जब्त की गई हैं जिस पर खुफिया विभाग की एजेंसियां अपना काम कर रही है और इस संबंध में उनके और संपर्कों का पता लगा रही हैं। पुणे पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस को माओवादी संगठनों द्वारा जान से मारने के मामले का हाल ही में पर्दाफाश किया था। मंत्रालय में मुख्यमंत्री कार्यालय को धमकी भरे दो ई-मेल मिले थे जिसके बाद गृह मंत्रालय सतर्क हो गया। इन घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा बढ़ा दी गई।

फडनवीस ने संवाददाताओं से कहा कि पुलिस ने माओवादियों के ठिकानों से कई दस्तावेज, आंतरिक संपर्क और कंप्यूटर हार्डडिस्क बरामद किया था। नक्सली कमांडर से आंतरिक बातचीत का ब्यौरा मिला था जिससे पता चला कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मारने की योजना बनाई जा रही थी।  फडनवीस ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है। माओवादी देश में एक अलग माहौल बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस तरह के दस्तावेजों को जब्त कर लिया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। शहरी इलाके में नक्सलियों से सहानुभूति रखने वाला एक बड़ा तबका जनता के बीच जानबूझ कर गलतफहमी पैदा कर रहा है।

एक प्रश्न के जवाब में फडनवीस ने कहा कि उन्हें धमकी भरे दो ई-मेल मिले थे जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार 23 अप्रैल को नक्सल विरोधी आपरेशन में गढ़चिरौली जिले में 16 नक्सली मारे गये थे। गौरतलब है कि अप्रैल में गढ़चिरौली में माओवादियों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद श्री फडनवीस और उनके परिवार को माओवादी संगठनों से धमकी मिली थी, इसी के मद्देनजर उनकी सुरक्षा और कड़ी कर दी गयी है।