नई दिल्ली: विधानसभा चुनावों को लेकर राजस्थान में सरगर्मियां तेज हो गई है. विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बुद्धवार को दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह नें सीएम वसुन्धरा राजे और प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी के साथ मुलाकात की. वहां से लौटने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी ने जल्द ही संगठन में बड़े फेरबदल की घोषणा कर दी है. उन्होंने इस बात पर खास जोर दिया कि फेरबदल में बीजेपी पूरी पारदर्शिता बरतेगी.

मदनलाल सैनी ने ये भी कहा कि जातीय आधार को इसमें बिल्कुल तरजीह नहीं दी जाएगी. यहां तक कि पार्टी इस फेरबदल के लिए बीजेपी सांसदों और विधायकों से राय भी लेगी. जो नेता चुनाव लड़ने की इच्छा जताएगा उसे संगठन की ज़िम्मेदारियों से मुक्त करके पूरी शिद्दत के साथ चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी दी जाएगी. सैनी ने कहा कि संगठन में मन लगाकर काम करने वालों की जगह सबसे महत्वपूर्ण है. मदनलाल के अनुसार मुलाकात में प्रधानमंत्री लाभार्थी संवाद पर भी बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष से चर्चा हुई है.

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अगुवाई में शुरु होने वाली यात्रा पर भी विशेष चर्चा की गई. अगस्त में शुरू होने वाली  मुख्यमंत्री की इस चुनावी यात्रा को राष्ट्रीय अध्यक्ष से मंजूरी भी मिल गई. हालांकि अभी तक इस यात्रा की तारीख और जगह तय नही की गई है. अब पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशों के अनुसार चुनाव की तैयारियों में जुट गई है. इसी दौरान जयपुर में प्रधानमंत्री की जयपुर जमसंवाद रैली के बाद मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने सरकार की योजनाओं से लाभान्वित लोगों की 40354000 बताते हुए कांग्रेस को ये चुनौती दे दी कि 'कांग्रेस अगर 4000 लाभान्वितों की लिस्ट भी दे दें तो हम उन्हें मान जाएंगे'.

राजेंद्र राठौड़ ने महागठबंधन को लेकर कांग्रेस में हो रहे घमासान व्यंग्य करते हुए कहा 'कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र की हत्या का नमूना साफ देखा जा सकता है. कांग्रेस के अलग-अलग नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पाने को लालायित नजर आ रहे हैं'. बता दें कि महागठबंधन को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर मचे घमासान की खबरें लगातार मीडिया में आ रही हैं.