गांधीनगर: 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी खुद को और मजबूती करने में लगी है. गत तीन जुलाई को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुंवरजी बावलिया को बीजेपी में लाने के बाद अब गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के बेटे महेंद्र सिंह वाघेला को भी पार्टी ने जोड़ लिया है. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष जीतू वाघानी ने कहा, "दो बार के विधायक और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के बेटे महेंद्र सिंह वाघेला बीजेपी में शामिल हुए हैं."  

महेंद्र सिंह दो बार कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं. हालांकि, उन्होंने पिछले साल दिसंबर में गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी. तब उन्होंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था और न ही किसी पार्टी में शामिल हुए थे. महेंद्र सिंह वाघेला के बीजेपी में शामिल होने से 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ पार्टी को राज्य में मजबूती मिलने की उम्मीद है.

सिंह ने अगस्त 2017 में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल के खिलाफ मतदान किया था. यह पूछे जाने पर कि वह अब बीजेपी में क्यों शामिल हुए हैं तो सिंह ने कहा, "गांधी की कार्यशैली की वजह से पार्टी निकट भविष्य में न तो गुजरात में और न ही देश में कहीं और पुनर्जीवित होगी."

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अपने गृह राज्य गुजरात की यात्रा पर हैं. बीजेपी अध्यक्ष कल देर रात यहां पहुंचे और आज भगवान जगन्नाथ मंदिर में ‘मंगला आरती’ में शामिल हुए.

यह पूछे जाने पर कि क्या शंकर सिंह वाघेला भी बीजेपी में शामिल होंगे तो सिंह ने इसका सीधा जवाब नहीं दिया और कहा कि उनके पिता अपने अगले कदम के बारे में खुद फैसला करेंगे. साल 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन विधायक शंकर सिंह ने कांग्रेस के खिलाफ बगावत कर दी थी. नतीजतन 13 विधायकों ने कांग्रेस छोड़ दी थी. उनमें से कुछ बाद में बीजेपी में शामिल हो गए और चुनाव लड़ा. गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी की सीटें भले ही कुछ घट गईं , लेकिन उसने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया.

इससे पहले, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुंवरजी बावलिया ने बीजेपी में शामिल हुए थे. उन्हें तत्काल कैबिनेट मंत्री बनाया गया. बीजेपी में शामिल होने के तुरंत बाद सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उनकी कार्यशैली को देखते हुए देश की सबसे पुरानी पार्टी को निकट भविष्य में पुनर्जीवित किया जाना संभव नहीं लगता है. सिंह उत्तर गुजरात के बायड विधानसभा सीट से 2007 और 2012 में लगातार दो बार निर्वाचित हुए.