छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों के ऐलान को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सबसे आगे चल रही है. उसने राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से 68 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है.

आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती ने रायपुर में उम्मीदवारों की घोषणा कर उन्हें सबसे मजबूत प्रत्याशी करार दिया है. पार्टी ने मुख्यमंत्री रमन सिंह की परंपरागत राजनांदगांव सीट से सौरव निर्वाणी को मैदान में उतारा है.

सोमनाथ भारती के मुताबिक जल्द ही बाकी विधानसभा सीटों के उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी जाएगी. आप पार्टी के नेताओं ने आदिवासी अंचलों का जमकर दौरा कर उन इलाकों में अपने संगठन का विस्तार किया है. पार्टी का दावा है कि वह राज्य में बीजेपी और कांग्रेस दोनों का बेहतर विकल्प साबित होगी.

उधर, बीजेपी और कांग्रेस दोनों अपने-अपने उम्मीदवारों को लेकर मंथन कर रही हैं. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के मुताबिक ज्यादातर उम्मीदवारों का चयन हो चुका है, लेकिन 15 अगस्त तक इनके नामों की घोषणा की जाएगी.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के मुताबिक ज्यादातर सीटों पर आक्रामक शैली के नए प्रत्याशियों को चिन्हित किया गया है. उनके अनुसार पुराने और अनुभवी चेहरों को भी मौका दिया जाएगा.

बघेल ने बताया कि इस बारे में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से उनकी बातचीत हो चुकी है. कांग्रेस की कोशिश है कि सभी 90 विधानसभा सीटों से एक या दो उम्मीदवारों का पैनल ही पीसीसी तक पहुंचे. पार्टी ने विवाद की स्थिति में अपने बड़े नेताओं को सर्वसम्मति बनाने के लिए स्टैंड बाई रखा है.

कई जिलों के संगठनो में फेरबदल कर नए और युवा चेहरों को मौका दिया गया है. वहीं, बीजेपी ने भी सभी 90 विधानसभा सीटों में अपने उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है. हालांकि रणनीति के तहत वो कांग्रेस उम्मीदवारों की घोषणा का इंतजार कर रही है. इस बार भी ज्यादातर प्रत्याशी मुख्यमंत्री रमन सिंह के मन पसंद उम्मीदवार बताए जा रहे हैं.

यह भी बताया जा रहा है कि पुराने विधायकों में से दर्जनभर विधायकों की टिकट कटेगी, लेकिन उनके स्थान पर उनके परिजनों या फिर उनके मन पसंद उम्मीदवारों को चिन्हित किया गया है. मुख्यमंत्री रमन सिंह के मंत्रिमंडल के सभी चेहरों और संसदीय सचिवों को चुनावी मैदान में उतारने की कवायत भी चल रही है.

बीजेपी के कुछ नेता यह भी बता रहे हैं कि मौजूदा चार लोकसभा सदस्यों को विधानसभा में उतारा जाएगा. हालांकि इसके लिए अंतिम फैसला होना अभी बाकी है, लेकिन पार्टी स्तर पर मौजूदा सांसदों को भी विधानसभा चुनाव में उतारने के लिए विचार-विमर्श हुआ है.

छत्तीसगढ़ में सितंबर माह के पहले हफ्ते में ही आदर्श आचार संहिता के लागू होने की बात कही जा रही है. भारत निर्वाचन आयोग ने भी 30 अगस्त के पहले एक ही स्थान पर वर्षों से जमे अफसरों और कर्मचारियों को स्थान्तरित करने के निर्देश दिए हैं. इसका पालन भी हो रहा है. खासतौर पर पुलिस महकमे के मैदानी कर्मियों के बड़े पैमाने पर ट्रांसफर शुरू हो गए हैं.

उधर, चुनाव आयोग ने भी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. इसके तहत तमाम जिलों में EVM भेज दी गई हैं. इन जिलों में अब मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण का सिलसिला शुरू होने वाला है. राज्य में मानसूनी बारिश के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में चुनावी गूंज सुनाई देने लगी है.