गाजियाबाद : उत्‍तर प्रदेश की एक और जेल में बंद कैदी की हत्‍या की साजिश रची जा रही थी. यह वारदात शामली जेल में अंजाम दी जानी थी. हत्‍या के लिए कार्बाइन भी आ चुकी थी. साथ ही आधुनिक हथियार भी पहुंचाए जा चुके थे. लेकन गाजियाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तत्‍परता दिखाते हुए मामले का पर्दाफाश कर दिया. इस वारदात को जेल में बंद बैठे अपराधी सुंदर भाटी के कहने पर अंजाम देने की योजना थी. मामले का पर्दाफाश करते हुए क्राइम ब्रांच ने एक लाख रुपये के इनामी बदमाश अमर सिंह उर्फ मूछ समेत 50 हजार रुपये के इनामी अन्‍य बदमाश को भी पकड़ा है.

गाजियाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार कि गए बदमाश अमर सिंह पर एक लाख रुपये का इनाम था. वह पिछले काफी समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा था. वह मेरठ के सरधना का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक वह सुंदर भाटी के लिए काम करता है. बागपत जेल में हुई मुन्ना बजरंगी की हत्या को अभी लोग भूल भी नहीं पाए हैं कि वह शामली जेल में हत्या की प्लानिंग बना रहा था. इसके पीछे जेल में ही बैठे सुंदर भाटी के होने का शक है.

गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच ने राज नगर एक्सटेंशन में अमर सिंह उर्फ मूछ को उसके 50 हजार रुपये के इनामी शातिर बदमाश डीके और धर्मेंद्र के साथ गिरफ्तार कर लिया है. मामले में तीन और बदमाश अर्पित, अनुज और कुलदीप भी पकड़े गए हैं. दरअसल पकड़े गए बदमाशों में से अर्पित के पिता विक्की की कुछ समय पहले हत्या कर दी गई थी. अर्पित के पिता के हत्यारे शामली जेल में बंद हैं. अर्पित ने उनसे बदला लेने की ठानी थी. इसीलिए अमर सिंह उर्फ मूछ के साथ मिल गया था.

अमर सिंह की बात करें तो बीते साल ग्रेटर नोएडा में बीजेपी नेता शिवकुमार की हत्या में उसका ही हाथ था. अर्पित और अमर सिंह जब मिले तो इनके साथ डीके और धर्मेंद्र भी शामिल हो गए. दो और साथियों कुलदीप और अनुज को साथ मिलाया गया. अत्याधुनिक हथियारों को इकट्ठा किया गया. इसके लिए एनसीआर में लूटपाट भी की गई. कुछ ऐसी माउजर भी इकट्ठी की गईं जो जेल में आसानी से जा सके. बस प्लानिंग चल रही थी और यह लोग बीती शाम उत्तर प्रदेश के शामली की तरफ जा रहे थे. लेकिन राज नगर एक्सटेंशन में जैसे ही पुलिस ने इनको रोका यह फरार होने लगे. पुलिस और बदमाशों में इसके बाद मुठभेड़ हुई. उसके बाद पांचों की गिरफ्तारी हो गई. अमर सिंह ने नाम के आगे मूंछ इसलिए लगाया था, क्योंकि वह बड़ी मूछें रखता है.

पुलिस अधिकारी अब इस बात की जांच की बात कह रहे हैं कि शामली जेल में अंदर जाने के लिए इनका प्लान क्या था. कैसे वे हथियार को अंदर दाखिल करा देते हैं. कहीं जेल प्रशासन का कोई शख्स उनके साथ नहीं मिला हुआ था. लेकिन एक लाख के इनामी बदमाश अमर सिंह उर्फ मूंछ और 50 हजार के इनामी बदमाश धर्मेंद्र उर्फ डीके के अलावा उनके साथियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि पश्चिमी यूपी में क्राइम पर लगाम लग पाएगी.