राजस्थान में पुलिस भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है. इस परीक्षा में नकलचियों से परेशान राजस्थान सरकार ने नकल रोकने के लिए पूरे प्रदेश की रफ्तार रोक दी है. हालांकि नकल रोकने के लिए कुछ ऐसे कदम भी उठाए जा रहे हैं, जो काफी शर्मनाक हैं और सरकार की लापरवाही का प्रतीक है. राज्यभर में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है.

परीक्षा सेंटर्स पर लड़कियों के कपड़े उतरवाए गए और कपड़े काट दिए गए, जिसका लोग विरोध कर रहे हैं.  इस घटना से लोगों में रोष है. परीक्षा सेंटर्स पर पुलिस ने जिस तरह से लड़कियों के कपड़े काटे वो किसी भी हालत में सही नहीं ठहराए जा सकते.

झुंझनु में जहां लड़कियों के कपड़े काटे गए वहीं लड़कों के कॉलर और आस्तीन वाले शर्ट और जूते भी निकलवाए गए. परीक्षा सेंटरों पर ऐसा लग रहा था मानो कोई जूते की दूकान है.

एक मां को अपनी बेटी के कपड़े चुनरी की आड़ में सेंटर के बाहर ही कपड़े बदलवाने पड़े. यही नजारा कमोबेश राज्य के हर परीक्षा केंद्रों पर रहे.

हालांकि सरकार की ओर से पहले ही ड्रेस कोड की जानकारी दे दी गई थी और जूते-कपड़ों को लेकर अवगत करवा दिया था. इससे पहले भी कई परीक्षाओं में ऐसा ही नजारा देखने को मिला है.

राजस्थान में पिछले दो दिनों से लोग साइबर इमरजेंसी के दौर में जी रहे हैं, जहां दो दिनों से किसी तरह की इंटरनेट और एसएमएस सेवा पूरी तरह से बंद है. नकलचियों से परेशान राजस्थान सरकार ने नकल रोकने के लिए पूरे प्रदेश की रफ्तार रोक दी है.

राज्य सरकार का कहना है कि ये सब हमने नकल रोकने के लिए किया है. दरअसल सरकार की भी मजबूरी है. कांस्टेबल भर्ती परीक्षा हाईटेक नकलचियों की वजह से तीन बार टालनी पड़ी है. करीब 13 हजार पदों के लिए 14 लाख परीक्षार्थी राज्यभर में परीक्षा दे रहे हैं

इस साइबर कर्फ्यू की वजह से शनिवार को रेलवे, फ्लाईट, बस, बैंकिंग समेत सभी तरह के आनलाइन ट्रांजेक्शन बंद रहे. गृहविभाग के अनुसार शाम पांच बजे आज इंटरनेट सेवा शुरू होगी

राजस्थान के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि किसी भर्ती परीक्षा के लिए पूरे राज्य में डिजिटल कर्फ्यू लगा दिया गया है. शनिवार और रविवार के चार घंटे की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए दस-दस घंटों तक इंटरनेट सेवा पूरी तरह से बंद रही. राज्य में हर तरफ साइबर इमरजेंसी जैसे हालात बने हुए हैं.

राज्य के 200 परीक्षा सेंटरों पर जैमर लगे हैं मगर इसके बावजूद शहर-दर शहर सभी जगह इंटरनेट सेवा ही बंद कर दी गई है. इंटरनेट बंद होने से दो दिनों में राजस्थान में 11 हजार रेलवे के ई-टिकटों में कमी आई है. वहीं 15 से 20 करोड़ के ट्रांजेक्शन बैंकों के अटक गए हैं. करीब ढाई हजार टैक्सियां बुक नहीं हो पाई हैं, जिससे 20 हजार लोग प्रभावित हुए हैं. राजस्थान रोडवेज की भी बुकिंग में करीब 5 फीसदी की कमी आई है