छिंदवाड़ा : जिला में प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही और नेताओं के आश्वासनों से परेशान लोगों ने चुनाव का बहिष्कार करना शुरू कर दिया है। नगर निगम के वार्ड नंबर-20 के लोगों ने झोंपड़ियों की दीवारों पर नारे लिखकर और हाथों मे काले झंडे लेकर आगामी विधानसभा चुनाव में किसी को भी वोट नही देने का फैसला लिया है।

दरअसल ये लोग राजनेताओं के वादों और प्रशासनिक अधिकारियों की चौखटों की ठोकर खाने के बाद आंदोलनस्वरूप सड़कों पर उतरे हैं। लोग झोपड़ियों पर नारे लिखकर और हाथों में काले झंडे लेते हुए सड़कों पर उतरे हैं।

आंदोलनकारियों की क्या है मांग ?
आंदोलन कर रहे लोगों का कहना है कि सरकार हर गरीब को जमीन का हक देने के लिए कहती है लेकिन 40 सालों के बाद भी इनको पट्टा नहीं दिया जा रहा है। जिसके लिए उन्होंने सभी अधिकारियों से उनका हक दिलाने की गुहार लगाई पर किसी ने उनकी एक नहीं सुनी। लोगों का कहना है सिर्फ चुनाव के समय में राजनेता उनसे वादा करते हैं कि उनको पट्टा दिया जाएगा लेकिन फिर पांच साल उनकी तरफ कोई नहीं देखता।

गरीबों की इसी मांग को लेकर अबकी बार उन्होंने चुनाव का बहिष्कार करने की ठानी है। जिसके लिए गरीबों ने बकायदा दीवारों पर ‘पहले पट्टा-फिर वोट’ के नारे और काले झंडो-बैनरों के सहारे पूरे आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।