नई दिल्ली/लंदन: दूसरे वनडे में 86 रनों की करारी शिकस्त झेलने के बाद भारत की सीरीज़ जीतने की उम्मीदों को एक बड़ा झटका लग सकता है. मंगलवार को हेडिंग्ले में खेले जाने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे मैच में भी तेज़ गेंदबाज़ भुवनेश्वर कुमार का खेलना मुश्किल नज़र आ रहा है.

टीम इंडिया के सहायक कोच संजय बांगर ने आज मैच से पहले प्रेस कॉंफ्रेंस में इस ओर इशारा किया कि भुवी अभी पूरी तरह से फिट नहीं है और एक अगस्त से शुरू होने जा रही टेस्ट सीरीज़ को ध्यान में रखते हुए भुवनेश्वर कुमार को संभालना बेहद ज़रूरी है. हालांकि बांगर ने पूरी तरह से ये नहीं कहा है कि भुवनेश्वर निर्णायक वनडे में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं होंगे. लेकिन उनकी बातों से जो बात सामने आई है उससे टीम इंडिया के लिए मुश्किलें नज़र आ रही हैं.

इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के प्रमुख तेज़ गेंदबाज़ बनकर गए भुवनेश्वर कुमार ने दौरे पर अब तक सिर्फ दो मुकाबले खेले हैं. ये दोनों मुकाबले भी इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज़ के दौरान आए. कार्डिफ में खेले गए दूसरे टी20 में वो पीठ में चोट लगवा बैठे थे. जिसके बाद से वो ना ही अंतिम टी20 में और ना ही वनडे सीरीज़ के पहले दोनों मुकाबले में खेलने के लिए फिट हो पाए.

भारतीय टीम मैनेजमेंट अब इस चीज़ को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती कि लगभग डेढ़ महीने चलने वाली टेस्ट सीरीज़ में उन्हें मिस किया जाए. हालांकि कल खेले जाने वाले अंतिम वनडे से पहले भुवनेश्वर फिटनेस टेस्ट से गुज़रेंगे और अगर अगर इस बार वो फिट पाए जाते हैं तो फिर अंतिम वनडे में टीम इंडिया के लिए शुभ संकेत आ सकते हैं.

हालांकि आखिरी वनडे से पहले भुवनेश्वर कुमार नेट्स में आसानी से गेंदबाज़ी करते नज़र आ रहे हैं. जिससे ये साफ लग रहा है कि उनकी चोट ज्यादा गंभीर नहीं है और वो कल खेलने के लिए तैयार हो सकते हैं.

कोच बांगर ने आज साथ ही ये भी कहा कि 'अगले साल इंग्लैंड में खेले जाने वाले विश्वकप से पहले अब सिर्फ 16-17 मैच बचे हैं. इसलिए हम अपनी बेंच स्ट्रेंथ भी आज़माना चाहते हैं जो कि टीम के लिए अच्छा है. हम अपने दोनों प्रमुख गेंदबाज़ों(भुवनेश्वर-बुमराह) को मिस कर रहे हैं लेकिन हम टेस्ट सीरीज़ में ऐसी किसी भी स्थिती से बचना चाहते हैं.'

भुवनेश्वर और बुमराह की गैर-मौजूदगी में उमेश यादव, सिद्धार्थ कौल और शार्दुल ठाकुर टीम की जिम्मेदारी निभाएंगे. लेकिन डेथ ओवर्स में अब तक ये बैंच स्ट्रेंथ अपना कमाल नहीं दिखा सकी है.