नई दिल्ली: संसद के बुधवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिये सभी दलों का सहयोग मांगा. संसद भवन में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में मोदी ने सभी दलों से सदन में मुद्दों को उठाने का आग्रह किया, क्योंकि लोग उनसे ऐसी उम्मीद करते हैं. सरकार ने दावा किया कि विपक्षी दलों ने संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग का आश्वासन दिया है.

'पीएम चाहते हैं संसद सुचारू रूप से चले'
बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘प्रधानमंत्री ने संसद के सुचारू और सार्थक सत्र के लिये सभी राजनीतिक दलों का सहयोग मांगा है. लोग उम्मीद करते हैं कि संसद में कामकाज हो और हम सभी को यह सुनिश्चित करना चाहिए.’

बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति को आरक्षण नहीं प्रदान करने के विषय को उठाया.

सपा नहीं चलने देगी संसद
समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने कहा, ‘जब तक सरकार उच्च शिक्षा में अनुसूचित जाति, जनजाति के लिए आरक्षण लागू करने का सदन में आश्वासन नहीं देती है तब तक हम सदन नहीं चलने देंगे.’ आप नेता संजय सिंह ने दिल्ली की आप सरकार के साथ कथित भेदभाव के विषय को उठाया.

सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की संभावना
केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए सरकार के खिलाफ 18 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में अविश्वास प्रस्ताव का साया मंडरा रहा है, क्योंकि टीडीपी ने इसके लिए विपक्षी दलों से समर्थन मांगा है.

टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने विभिन्न दलों को पत्र लिखकर उस अविश्वास प्रस्ताव पर उनसे समर्थन मांगा है जो उनकी पार्टी आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा प्रदान करने का वादा पूरा नहीं करके राज्य के साथ हुए अन्याय के लिए सरकार के खिलाफ संसद में लाना चाहती है.

नायडू ने कहा कि ‘भाजपा नीत राजग सरकार का हठी रवैया जारी रहने के चलते टीडीपी ने संसद के आगामी मानसून सत्र में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय किया है.'

नायडू ने पत्र में लिखा है, ‘हमारे सांसदों की ओर से लाये जा रहे अविश्वास प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में आपके समर्थन के लिए मैं आपका आभारी रहूंगा. मैं इस संबंध में आपका सहयोग चाहता हूं.'