नई दिल्ली: ज़ी हिंदुस्तान के शो 'बताना तो पड़ेगा' में मंगलवाल को लाइव बहस के दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना एजाज अरशद कासमी ने सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील और तीन तलाक की मुख्य याचिकाकर्ता फराह फैज से मारपीट की. इस घटना के बाद मौलाना कासमी को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. जिसके बाद नोएडा सेक्टर-20 थाने में फराह फैज ने मौलाना कासमी पर एफआईआर दर्ज करवाई. बुधवार को ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर कोर्ट में मौलाना को पेश किया गया. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कासमी को कोई राहत देने से इंकार करते हुए नोएडा जेल भेजने का आदेश दे दिया है.

हालांकि कोर्ट ने कासमी की जमानत याचिका पर शिकायतकर्ता और जांच अधिकारी से कल तक जवाब मांगा है. जांच अधिकारी को मामले से जुड़े सबूत कल कोर्ट में सौंपना होगा, जिसके बाद कासमी की जमानत याचिका पर कल कोर्ट सुनवाई करेगा.

आपको बता दें कि कासमी पर नॉएडा पुलिस ने चार धाराओं में एफआईआर दर्ज की है. जिनमें तीन धाराएं जमानती है जबकि एक धारा 295 A गैरजमानती है. ये चार धाराएं 323, 504, 506, 295 A है. आज काजमी के वकील ने कोर्ट से धारा 295 A (धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाना) को हटा कर जमानत देने की मांग की लेकिन कोर्ट ने इस मांग को ठुकरा दिया.

वहीं सरकारी वकील छवि रंजन दिवेदी ने ज़ी मीडिया को बताया कि कोर्ट ने फिलहाल कासमी को जमानत देने से इंकार कर दिया है क्योंकि कासमी पर लगाए गए चार धाराओं में एक धारा गैरजमानती है. इसलिए कोर्ट उन तमाम सबूतों पर अब सुनवाई कर यह फैसला लेगा कि कासमी पर लगाए गए धारा पर्याप्त है या नहीं, जिसके बाद जमानत पर कोर्ट फैसला लेगा. वहां दूसरी ओर जांच अधिकारी अरुण वर्मा ने कहा कि घटना की वीडियो और उससे जुड़े तमाम सबूत कोर्ट में पेश किया जाएगा.