अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को अपने सांसदों से कहा कि उनकी पार्टी टीडीपी द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आंध्र प्रदेश के पांच करोड़ लोगों के लिए ‘प्रतिष्ठा का मुद्दा’ है. टीडीपी सूत्रों ने बताया कि नायडू ने विपक्षी दलों के सांसदों को नए सिरे से पत्र भी लिखा और अविश्वास मत पर समर्थन मांगा.

नायडू ने टेली कॉन्फ्रेंस के जरिए अपने सांसदों से कहा, "यह एक ऐतिहासिक अवसर है, एक प्रेरणात्मक अवसर है. आपको लोकसभा में आंध्र प्रदेश के पांच करोड़ लोगों की आवाज गुंजायमान करनी चाहिए क्योंकि यह एक प्रतिष्ठा का मुद्दा है."

कल अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान टीडीपी के सांसदों को हालांकि राज्य से कथित अन्याय के बारे में बोलने के लिए ज्यादा समय नहीं मिल पाएगा क्योंकि लोकसभा में इसके 16 ही सदस्य हैं. पार्टियों को उनके सदस्यों की संख्या के आधार पर संसद में चर्चा के लिए समय आवंटित किया जाता है.

शिवसेना देगी मोदी सरकार का साथ
शिवसेना ने कहा कि वह कल लोकसभा में विपक्ष की ओर से लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भाजपा नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन करेगी. शिवसेना के मुख्य सचेतक चंद्रकांत खैरे ने लोकसभा में पार्टी के सभी सदस्यों को व्हिप जारी कर कल चर्चा के लिए प्रस्ताव लाए जाने के दौरान सदन में उन्हें मौजूद रहने और सरकार का समर्थन करने को कहा है. अविश्वास मत में पार्टी की भूमिका को लेकर अटकलों को खत्म करते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के एक करीबी सूत्र ने कहा कि कल लोकसभा में सरकार का समर्थन करने का फैसला किया गया है.

विपक्षी दलों ने टीडीपी से अन्य मुद्दे उठाने को कहा
विपक्षी दलों ने टीडीपी से लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जे की अपनी मुख्य मांग के साथ-साथ अन्य बड़े मुद्दे जैसे भीड़ द्वारा पीट पीट कर हत्या और जातीय हिंसा को भी उठाने को कहा है. सरकार पर विपक्ष के संयुक्त हमले की रणनीति के तहत ये मुद्दे उठाने को कहा गया है. एक वरिष्ठ नेता के अनुसार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के साथ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने चर्चा की. इसमें सहमति बनी कि जब अविश्वास प्रस्ताव पर अन्य पार्टियां टीडीपी का समर्थन कर रही हैं तो उसे भी बदले में उनके द्वारा उल्लेखित मुद्दों को सदन में उठाना चाहिए.