नई दिल्ली: मॉब लिंचिंग को लेकर पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है, इस बीच गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज लोकसभा में बताया कि इस मामले में रिपोर्ट देने के लिए सरकार ने एक मंत्रिसमूह और गृह सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का भी गठन किया है. यह कमेटी चार हफ्तों में अपनी रिपोरिट देगी. राजनाथ सिंह ने आज लोकसभा में कहा, ‘‘देशभर में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या के मामलों पर संसद में चिंता व्यक्त की गयी है. उच्चतम न्यायालय ने भी इस संबंध में अपनी टिप्पणी की है और सरकार से पहल करने की अपेक्षा की है.’’

उन्होंने बताया कि इस संबंध में गृह सचिव राजीव गाबा की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है जो चार हफ्ते दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी. इसके साथ ही गृहमंत्री की अगुवाई में एक मंत्रिसमूह (जीओएम) भी बनाया गया है जो जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री को रिपोर्ट देगा. बीते गुरूवार को सिंह ने सदन में कहा था कि यह सचाई है कि कई प्रदेशों में मॉब लिंचिंग की घटनाएं घटी हैं. इसमें कई लोगों की जानें भी गई है लेकिन ऐसी बात नहीं है कि इस तरह की घटनाएं विगत कुछ वर्षों में ही हुई हैं. पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं. लेकिन ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं.

संसद में गूंजा था लिंचिंग का मुद्दा
संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने मॉब लिंचिंग का मुद्दा जमकर उठाया था. विपक्ष के जवाब में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मॉब लिंचिंग की घटनाएं बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैं और मैंने राज्य सरकारों से इसके खिलाफ सख्त कानून बनाने के लिए कहा है. राजस्थान के अलवर में गोकशी के शक में रकबर की हत्या का मुद्दा आज संसद में उठा.

राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ''अलवर में पुलिस वालों ने मॉब लिन्चिंग के शिकार रकबर खान को महज 6 किलोमीटर स्थित अस्पताल पहुंचाने में 3 घंटे लगाए, जबकि पीड़ित मरणासन्न था। क्यों? उन्होंने रास्ते में टी-ब्रेक भी लिया। यह मोदी का क्रूर 'न्यू इंडिया' है, जहां मानवता की जगह नफरत ने ले ली है और लोगों को कुचला जा रहा है, मरने के लिए छोड़ा जा रहा है।''

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- संसद बनाए कानून
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या पर पिछले दिनों कड़ी टिप्पणी की थी. कोर्ट ने कहा था कि भीड़तंत्र की कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि संसद इस तरह की घटना को रोकने के लिए कानून बनाए.