महाराष्ट्र: सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग रहे मराठाओं के आंदोलन के दौरान महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक युवक ने गोदावरी नदी में कूद कर जान देदी. मृतक युवक के परिवार का कहना है कि जब तक मुख्यमंत्री पर हत्या का मामला नहीं दर्ज होता तब तक वो शव नहीं लेंगे. मृतक के भाई अविनाश शिंदे का आरोप है कि जल समाधि आंदोलन करने की कोई व्यवस्था नहीं थी. न पुलिस, न फायर ब्रिगेड, न लाइफगार्ड जैकेट और न ही बोट. इसलिए जब तक दोषियों के खिलाफ 302 का मामला दर्ज नही होगा वो अपने भाई की लाश को नहीं लेगें.

मराठा समुदाय ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहा है. आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी थी कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पंढरपुर में आषाढी एकादशी की पूजा नहीं करने देंगे. इसके बाद देर रात मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर पत्नी अमृता के साथ पूजा की. इसी समय पंढरपुर में भी पूजा होती है.

औरंगाबाद के अलावा दूसरे शहरों से भी मराठा आंदोलन की खौफनाक तस्वीरें आनी शुरू हो गयी हैं. टूटी और जली हुई सरकारी बसो की ये तस्वीरें हैं परबनी इलाके की जहां आंदोलनकारियों ने बस को आग लगा थी साथ ही तोड़ फोड़ किया. इसी दौरान एक टीवी चैनेल के कैमरामैन से मारपीट भी की जिसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा.

परबनी इलाके में आंदोलन कारियों ने सरकारी बसों में तोड़फोड़ की और फिर आग के हवाले कर दिया. आंदोलन कारियों ने एक टीवी चैनल के कैमरामैन से भी मारपीट की, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया.