ग्रीस की राजधानी एथेंस के आसपास अटिका इलाक़े के जंगलों में लगी आग में कम से कम 74 लोगों की मौत हो गई है. कहा जा रहा है कि पिछले एक दशक की यह सबसे भयावह आग है. अधिकारियों का कहना है कि आग से क़रीब 200 लोग घायल हुए हैं.

रेड क्रॉस का कहना है कि समुद्री तट के क़रीब एक गांव से 26 शव बरामद किए गए हैं. यही इलाक़ा आग का केंद्र है. इससे पहले ग्रीस की सरकार ने 24 मौतों की पुष्टि की थी. राहत बचावकर्मी आग में फंसे लोगों को निकालने के लिए नाव और हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं. सैकड़ों दमकलों को आग पर काबू पाने के लिया लगाया गया है.

आग का फैलाव इतना तेज़ है कि ग्रीस इसमें अंतरराष्ट्रीय मदद चाहता है. प्रधानमंत्री अलेक्सई ने पत्रकारों से कहा है कि आग को बुझाने के लिए जो भी संभव है उसे सरकार करेगी ज़्यादातर पीड़ित उत्तर-पूर्वी एथेंस से 40 किलोमीटर दूर मटी गांव के हैं. ज़्यादातर लोग या तो अपने घरों में मरे या अपनी कारों में. यह गांव स्थानीय पर्यटकों के बीच काफ़ी लोकप्रिय है.

एक समाचार एजेंसी के अनुसार लोग यहां छुट्टियां मनाने आते हैं. कम से कम 104 लोग ज़ख़्मी हुए हैं और इनमें से 11 गंभीर रूप से ज़ख़्मी हुए हैं. घायलों में 11 बच्चे भी शामिल हैं. राहत बचावकर्मियों का कहना है कि शुक्र है कि पास में समुद्र है, इसलिए आग पर काबू पाने में मदद मिल रही है.

प्रधानमंत्री अलेक्सई ने अटिका में अपातकाल की घोषणा की है. उन्होंने सभी आपातकालीन सेवा को मुस्तैदी से लगा देने की घोषणा की है.
ग्रीस ने यूरोपीय मुल्कों से आग बुझाने में मदद की मांग की है. इटली जर्मनी और फ़्रांस ने मदद भी भेज दी है. 2007 के बाद ग्रीस के जंगलों में सबसे प्रचंड आग लगी है.