नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के गद्दावर नेता आजम खान की पत्नी और राज्यसभा सांसद तंजीन फातिमा ने मॉब लिंचिंग के डर से अपनी गाय को वापस कर दिया है. एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि हमें डर है कि गाय की वजह से कहीं हम भी मुसीबत में न फंस जाए, इसलिए हमने जो गाय पाली थी, उसे वापस भेज दिया है. आपको बता दें कि राजस्थान के अलवर जिले में गोरक्षा के नाम पर भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिये गए. रकबर और उसके एक और साथ असलम पर गोरक्षों ने उस वक्त हमला किया था. जब वो दोनों गाय लकेर जा रहे थे. इस दौरान असलम तो किसी तरह वहां से भाग निकला था, लेकिन भीड़ ने रकबर पर हमला कर दिया था. जिसमें रकबर की मौत हो गई थी.

इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. रकबर की हत्या के सिलसिले में आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. सपा से राज्यसभा सांसद तजीन फातिमा से पहले आजम खान ने मंगलवार (24 जुलाई) को कहा था कि मुस्लिमों को गाय के दूध का कारोबार बंद कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि वो मुस्लिमों से अपील करते हैं कि वे गाय के दूध का काम न करें क्योंकि बीजेपी के सांसदों ने कह दिया है कि गाय को छूने का भी अंजाम भुगतना होगा. मुस्लिम गाय को छूने से पहले सोचें. इसलिए गाय के दूध का पेशा करने वाले कमजोरों को दूसरा पेशा अपना लेना चाहिए.

आजम खां ने ये बातें रामपुर में सपा कार्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुई कहीं. उन्होंने कहा कि पीएम, सीएम, मंत्री, सांसद और विधायक जैसे कानून के रखवाले ऐसी भाषा बोल रहे हैं जो एक सभ्य समाज लिए ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को मुसलमानों का वोट चाहिए, लेकिन मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर उनकी जुबान पर ताले लगे हुए हैं. पूर्व मंत्री ने कहा था कि ये सब कुछ वोट की राजनीति के लिए किया जा रहा है.