सैंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सी.डी.एस.सी.ओ.) ने जॉनसन एंड जॉनसन को भारत में बेचे जा रहे उसके पाऊडर में इस्तेमाल होने वाले सामान की जानकारी देने के लिए कहा है। इसके साथ ही कम्पनी से उस सामान की जानकारी भी मांगी है जो अमरीका में बेचे जा रहे पाऊडर में इस्तेमाल हो रहा है। पूरे मामले से जुड़े सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी कि सरकार ने जॉनसन एंड जॉनसन को एक आधिकारिक ई-मेल भेजकर यह सारी जानकारी मांगी है।

मामले से जुड़े अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि अमरीका में महिलाओं को जॉनसन एंड जॉनसन के पाऊडर से हुए कैंसर का मामला सामने आने के बाद सरकार ने इस मामले में कदम उठाया है और सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भारत में बेचे जा रहे जॉनसन एंड जॉनसन के पाऊडर के कारण किसी को कोई बीमारी न हो।

महिला को हुआ था कैंसर
जॉनसन एंड जॉनसन को हाल ही में अमरीका में एक अदालत ने 22 महिलाओं को 4.7 बिलियन डॉलर का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। इन महिलाओं ने आरोप लगाया था कि कम्पनी के पाऊडर के इस्तेमाल के बाद उन्हें ओवेरियन कैंसर हुआ है। मामले की सुनवाई के बाद महिलाओं के आरोप सही पाए गए और कम्पनी को उक्त राशि का मुआवजा देने के आदेश जारी किए गए। हालांकि जॉनसन एंड जॉनसन ने इस पूरे मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि उसका पाऊडर सुरक्षित है और वह इस मामले में अपील दायर करेगा।

ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने पाऊडर बनाने वाली फैक्टरी का किया था दौरा
मार्च 2016 में सी.डी.एस.सी.ओ. की पश्चिमी यूनिट के ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मुम्बई के मुलुंड में कम्पनी की पाऊडर बनाने वाली फैक्टरी का दौरा किया था और कुछ सैम्पल भी एकत्रित किए थे व इनकी जांच की गई थी। जांच में ये पाऊडर सुरक्षित पाए गए थे। लिहाजा कम्पनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई लेकिन हाल ही के अमरीका के कैंसर वाले मामले सामने आने के बाद सरकार इस बारे सतर्क हुई है।

ये कहा कम्पनी ने
जॉनसन एंड जॉनसन ने इस पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उसके उत्पाद 5 स्तरीय सुरक्षा मानकों से होकर गुजरते हैं। लिहाजा ये पूरी तरह सुरक्षित हैं और इनमें बीमारी फैलाने वाला कोई तत्व नहीं है। कम्पनी के सभी उत्पाद अंतर्राष्ट्रीय मानको पर खरे उतरते हैं और कुछ अंतर्राष्ट्रीय मानकों से भी ज्यादा सुरक्षित हैं। कम्पनी ने यह भी साफ किया है कि बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाला पाऊडर यू.एस. फार्माकोपिया (यू.एस.पी.) ग्रेड का है और सुरक्षा के सारे मानकों पर खरा उतरता है। कम्पनी पर इस तरह के करीब 9000 मामले चल रहे हैं और अधिकतर मामलों में फैसला कम्पनी के खिलाफ आने के बाद अपील में फैसला कम्पनी के पक्ष में गया है।