नई दिल्ली: मानसून आने के बाद से जारी बारिश से कई राज्य बाढ़ का सामना कर रहे हैं। पटना से लेकर दिल्ली तक बाढ़ जैसा माहौल है। वहीं हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी से दिल्ली में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। आज सुबह आठ बजे तक यमुना नदी का स्तर 205.66 मीटर तक पहुंच गया था। यह खतरे के निशान से 79 सेंटीमीटर ज्यादा है। यमुना पुल पर बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दिल्ली में 27 ट्रेनों को स्थगित कर दिया गया है और पुराने यमुना पुल पर यातायात बंद कर दिया गया है।

उधर हरियाणा ने पहली बार हथिनीकुंड बैराज के सभी 18 गेट खोल दिए हैं, जिससे हरियाणा के कई गांव पानी में डूब गए हैं और दिल्ली में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। यमुना नदी का जलस्तर इस समय खतरे के निशान से 67 सैं.मी. ऊपर पहुंच गया है। शनिवार शाम तक जहां यमुना का वाटर लैवल 204.10 मीटर था वहीं रविवार सुबह यह बढ़कर 205.50 मीटर हो गया है।

बाढ़ नियंत्रण विभाग और दिल्ली आपदा प्रबंधन की टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। यह लगातार बढ़ रहा है। वहीं हालात का जायजा लेने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अक्षरधाम ऐर पांडव नगर के पास निचले क्षेत्रों का दौरा किया। उधर बिहार के बेगूसराय और कैमूर जिलों में बारिश के दौरान आसमानी बिजली की चपेट में आने से 3 बच्चों सहित 5  लोगों की मृत्य हो गई है।

केदारनाथ में आपदा जैसे हालात  
विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में गरुड़चट्टी को जोडऩे वाला पैदल पुल मंदाकिनी नदी के तेज बहाव में डूब गया है। केदारनाथ धाम में  वर्ष 2013 की आपदा जैसे हालात पैदा हो गए हैं। पिछले 2 दिनों से केदारनाथ धाम में मंदाकिनी नदी विकराल रूप लेकर बह रही है जिससे केदारनाथ धाम में हालात अस्त-व्यस्त हो गए हैं। केदारनाथ धाम के गरुड़चट्टी में इन दिनों पुनर्निर्माण कार्य चल रहे हैं जिसके चलते नदी पार मजदूर व साधु-संत फंसे हुए हैं।