मुंबई: नौकरियों और शिक्षा में अपने समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रहे मराठा संगठनों ने सोमवार को कहा कि नौ अगस्त को अपनी मांग के समर्थन में वे मुंबई में एक विशाल रैली करेंगे. मोर्चा के नेता विनोद पोखरकर ने कहा, ‘हम नौ अगस्त को अगस्त क्रांति के दिन मुंबई में विशाल रैली करेंगे. हम सरकार को अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं.’

इस बीच, मराठा आरक्षण के मुद्दे पर बंद के दौरान सोमवार को सोलापुर में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई. पुलिस ने बताया कि मराठा क्रांति मोर्चा और सकल मराठा समाज सहित कई प्रमुख मराठा संगठनों ने सोलापुर बंद का आह्वान किया था. हालात तब तनावपूर्ण हो गए जब सोलापुर में मेन रोड पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई.

इस बीच, शिवसेना ने सोमवार को कहा कि सरकार को राज्य पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट का इंतजार नहीं करते हुए मराठा समुदाय को आरक्षण दे देना चाहिए. अपनी पार्टी के विधायकों के साथ एक बैठक के बाद शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा,‘एससी, एसटी और ओबीसी के लिए मौजूदा आरक्षण को छुए बगैर शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में मराठा समुदाय को अतिरिक्त आरक्षण दिया जाना चाहिए.’

कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि भाजपा नीत महाराष्ट्र सरकार शिक्षा और नौकरियों में मराठा समुदाय को आरक्षण देने के मामले में टाल-मटोल का रवैया अपना रही है. कांग्रेस ने इस मुद्दे पर राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की है. कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार मराठा और अन्य समुदाय को आरक्षण देने के मामले में टाल-मटोल कर रही है. कांग्रेस ने मांग की है कि राज्यपाल सी विद्यासागर राव इस संबंध में राज्य सरकार को जल्द फैसला लेने का निर्देश दें.

राज्य में कांग्रेस पार्टी के प्रमुख अशोक चव्हाण के नेतृ्त्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल से सोमवार दोपहर में मुलाकात की. प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल से मांग की है कि वह राज्य सरकार को हाल ही में मराठा आरक्षण के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए ‘निर्दोष’ लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को हटाने का निर्देश दें.  

राज्यपाल को सौंपे एक ज्ञापन में पार्टी ने कहा कि अगर आरक्षण के मामले में राज्य सरकार तत्काल फैसला नहीं लेती है तो राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ने का दोष राज्य सरकार को दिया जाएगा.