मध्य प्रदेश: प्रदेश में लगातार बढ़ रही मॉब लिंचिंग की वारदातों पर निगरानी के लिए मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने एक अलग टीम का गठन किया है। जिसमें सभी जिलों में एसपी को नोडल अधिकारी बनाया गया है. पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस अधीक्षकों को आदेश जारी करते हुए मॉब लिंचिंग जैसी वारदातों पर खास ख्याल रखने के आदेश दिये हैं। आदेश में मुख्यालय ने तमाम जिलों के एसपी को नोडल अधिकारी बनाते हुए उन पर मॉब लिंचिंग रोकने और अफवाहों पर खास निगरानी रखने के आदेश दिये हैं। इसके साथ ही मॉब लिंचिंग पर मुख्यालय ने एक गाइडलाइन भी जारी की है।

बता दें देश भर में मॉब लिंचिंग के चलते अब तक 100 से ज्यादा मौते हो चुकी हैं. हाल ही में 23 जुलाई को मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में एक महिला को बच्चा चोरी के शक में भीड़ ने बुरी तरह पीट-पीटकर मार दिया. जिसके बाद महिला के शव को जंगल में फेंक दिया. जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. जिनमें से 12 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

वहीं मध्य प्रदेश में जारी दिशा-निर्देशों में पूरे देश में हो रहीं मॉब लिंचिंग की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यालय ने जिले के डीएसपी रैंक के अधिकारियों को इसकी निगरानी के आदेश दिये हैं. बता दें कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी देश भर में हो रही मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए इसकी कड़ी निंदा की है. सुप्रीम कोर्ट ने मॉब लिंचिंग पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इस पर कड़े कानून बनाने की बात कही थी।