नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में बच्चों को कथित रूप से देह व्यापार में धकेले जाने की खबरें सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) से कहा है कि वह मध्य प्रदेश सरकार के साथ मिलकर ऐसे बच्चों के लिए पुनर्वास योजना तैयार करे. मेनका गांधी उस मीडिया रिपोर्ट पर बोल रही थीं जिसमें कहा गया था कि प्रदेश में बच्चों को कथित रूप से देह व्यापार में धकेला जा रहा है. गौरतलब है कि मानव तस्कर रोधी विधेयक के अनुसार यौन इस्तेमाल, भीख मंगवाने, बालश्रम एवं अन्य उद्देश्यों के कारण मानव तस्करी के शिकार पीड़ितों को पुनर्वास का अधिकार होगा.

बच्चों को देह व्यापार में धकेलना घृणित अपराध
उन्होंने कहा कि यह एक ‘‘घृणित अपराध है’’ जिसे जरा भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. मेनका कहा कि उनके मंत्रालय ने एनसीपीसीआर को राज्य सरकार (मध्य प्रदेश सरकार) के परामर्श में एक योजना तैयार करने के लिये कहा है. मेनका ने ट्वीट किया, ‘‘यह खुलासा बेहद भयावह है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इस घटना पर मध्य प्रदेश सरकार से तत्काल रिपोर्ट मांगी है और राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि भारतीय दंड संहिता एवं पोक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण कानून) के तहत मामले दर्ज हों.’’