नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) को लेकर तीखा बयान देने वालों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह का नाम भी जुड़ गया है. मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सवाल दागा कि क्या हमारा देश धर्मशाला हो गया है?

उन्होंने कहा, 'जो बाहरी लोग यहां आकर बस गए हैं. ऐसे लोगों को खदेड़ा जाना चाहिए.' आमतौर पर रमन सिंह किसी भी मामले में तल्ख टिप्पणियों से बचते हैं,लेकिन दुर्ग में उन्होंने कहा कि किसी घर में चार लोग रहते हैं, बाहर से दो लोग आ जाएं और बोलें कि यहीं रहेंगे, यहीं खाएंगे, यहीं सोएंगे और खाने में हिस्सा भी मांगेंगे तो क्या उन्हें दिया जाएगा.

NRC को लेकर पूरे देश में अच्छी खासी बहस छिड़ गई है. रमन सिंह भी NRC के पक्ष में मजबूती से साथ आ खड़े हुए है. उन्होंने कहा कि जो लोग बाहर से आए हैं वो अपनी नागरिकता प्रमाणित करें, वरना अपने देश वापस चले जाएं.

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही NRC कमेटी गठित की गई है. कांग्रेस ने भी इसके गठन में अपनी सहमति दी थी, लेकिन अब समझ से परे है कि कांग्रेस इस मामले को ट्विस्ट कर रही है.

NRC के विरोध को लेकर TMC और उसकी नेता ममता बनर्जी अपने कड़े तेवर दिखा रही हैं. ऐसे में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी अपना पक्ष रखकर इस मामले में मैदान में कूद पड़े हैं.

मोबाइल तिहार में हिस्सा लेने दुर्ग पहुंचे मुख्यमंत्री रमन सिंह ने पहले तो अपनी सरकार की 15 साल की उपलब्धियां गिनाई. फिर लोगों को मोबाइल बांटा. अपने भाषण में रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ की जनता को बताया कि किस तरह से उनकी सरकार राज्य को विकास के पथ पर लेकर आई है.

उन्होंने प्रदेश में खुशहाली का दावा किया और यह कटाक्ष भी किया कि छत्तीसगढ़ राज्य घुसपैठियों से मुक्त है. मंच से उतारते ही मुख्यमंत्री रमन सिंह ने TMC और ममता बनर्जी पर निशाना साधा. अपने बयान में रमन सिंह ने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने खुलेतौर पर कहा कि जो बाहर से आए हैं उन्हें खदेड़ा जाना चाहिए.

रमन सिंह ने असम में घुसपैठियों को खदेड़ने को लेकर चले आठ साल के आंदोलन का जिक्र भी किया. असम में NRC का दूसरा ड्राफ्ट जारी होने के बाद से पूरा मामला गरमाया हुआ है. अंदेशा जाहिर किया जा रहा है कि बीजेपी आलाकमान के निर्देश के बाद ही मुख्यमंत्री रमन सिंह ने NRC को लेकर तल्ख टिप्पणी की है.